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ST-SC ACT / अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989

  1. अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम कब लागू हुआ?

उत्तर- 30 जनवरी 1990 से

  1. अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम को राष्ट्रपति से कब अनुमति प्राप्त हुई ?

उत्तर- 11 सितंबर 1989 को

  1. अत्याचार से अभिप्रेत हैं

उत्तर-  उत्तर-  धारा ३ के अधीन दण्डनीय अपराध

  1. अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में नविन संशोधनों को कब जोड़ा गया ?

उत्तर- 4 मार्च 2014

  1. इस अधिनियम में संहिता से तात्पर्य है ?

उत्तर- दंड प्रक्रिया संहिता से

  1. अत्याचार के अपराध के लिए दंड देने के लिए प्रावधान किस धारा में है ?

उत्तर- धारा तीन

  1. अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, भारतीय गणतंत्र के कौन से वर्ष में पारित किया गया ?

उत्तर- 40 वे

  1. अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति निवारण अधिनियम में कितनी धाराएं हैं ?

उत्तर- 23

  1. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम 1989 के तहत अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के वही अर्थ है, जो-

उत्तर- संविधान के अनुच्छेद 366 के खंड 24 और खंड 25 में है |

  1. विशेष न्यायालय से अभिप्रेत है-

उत्तर- धारा 14 में विशेष न्यायालय के रूप में विनिर्दिष्ट कोई सेशन न्यायालय |

  1. इस अधिनियम के तहत अत्याचार का अपराध किया जा सकता है ?

उत्तर- ऐसे व्यक्ति द्वारा जो कि अनुसूचित जाति जनजाति का सदस्य नहीं है |

  1. यदि कोई व्यक्ति अनुसूचित जाति जनजाति की महिला का अनादर करने या उसकी लज्जा भंग करने के आशय से हमला या बल का प्रयोग करता है, तो वह किस दंड से दण्डनीय होगा?

उत्तर- कम से कम ६ माह के कारावास और अधिकतम ५ वर्ष के कारावास और जुर्माने से|

  1. अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में कुल कितने अध्याय हैं ?

उत्तर- 5 

  1. अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम का उद्देश्य है |

उत्तर- i अनुसूचित जाति जनजाति के सदस्यों पर अत्याचार के अपराध को विचारण |

ii अपराधों के विचारण हेतु विशेष न्यायालयों का गठन |

iii अपराध पीड़ितों को राहत एवं पुनर्वास |

  1. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम 1989 में किस धारा के तहत विशेष न्यायालय को परिभाषित किया गया है –

उत्तर- धारा २(घ)

  1. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 किस धारा के तहत विशेष लोक अभियोजक को परिभाषित किया गया है –

उत्तर- धारा २(ड़)

  1. अनुसूचित जाति के सदस्य को अन्य सामान्य जाति के सदस्य द्वारा झूठी गवाही देकर हत्या के मामले में फंसाया जाता है और जिससे उस आधार पर वह दोष सिद्ध पाया जाता है तो यहां सामान्य जाति का सदस्य निम्नलिखित में से किस दंड का भागी है ?

उत्तर- मृत्यदंड

  1. किसी अपराधी के लिए दोषी पाए जाने पर धारा 7 के अधीन उस व्यक्ति की संपत्ति का सरकार में अधिकरण करने का आदेश कौन देता है ?

उत्तर- विशेष न्यायालय

  1. अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम का संक्षिप्त नाम किस धारा में दिया गया है ?

उत्तर- धारा एक

  1. अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में संहिता शब्द को परिभाषित किया गया है ?

उत्तर- धारा 2.1(ब)

  1. ‘क’ जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं है ‘ख’ रहने के मकान में जो अनुसूचित जाति का सदस्य हैं आग लगा देता है | निम्नलिखित में से किस ढंग से दंडनीय होगा ?

उत्तर- आजीवन कारावास से

  1. निम्नांकित में से किस धारा के तहत भारतीय दंड संहिता के कतिपय उपबंध का लागू होना प्रावधानित हैं |

उत्तर- धारा 6

  1. विशेष न्यायालय के प्रावधान किस धारा में दिए गए हैं |

उत्तर- धारा 14

  1. विशेष लोक अभियोजक के प्रावधान किस धारा में दिए गए हैं |

उत्तर- धारा 15

  1. अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के विरुद्ध किए जाने वाले अत्याचारों एवं दण्डो के लिए प्रावधान किस धारा में किया गया है |

उत्तर- धारा तीन

  1. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम १९८९ के तहत अपराधी के बारे में उपधारणा का प्रावधान किया गया है ?

उत्तर- धारा ८ के तहत 

  1. धारा 14 के तहत इस न्यायलय को विशेष न्यायलय के रूप में विनिर्दिष्ट किया जाता हे ?

उत्तर- सेशन न्यायलय को 

  1. विशेष न्यायालय के लिए विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति कोण करता है ?

उत्तर- राज्य सरकार

  1. इस अध्याय के अधीन किये गए किसी अपराध के अपराधी को बचने के आशय से साक्ष्य या मिथ्या जानकारी का उपयोग करने वाले को कितना दंड दिया जा सकेगा ?

उत्तर- उस अपराध के लिए उपबंधित दंड

  1. इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय अपराध के लिए दोषसिद्ध व्यक्ति की कोण सी संपत्ति सरकार के पक्ष में अधिग्रहित की जा सकती है ?

उत्तर- वह चल एवं अचल संपत्ति जो अपराध को करीत करने हेतु की गई हो

  1.  अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम १९८९ का अन्य विधियों पर अध्यारोही होना प्रावधानिक है |

उत्तर- धरा २० के तहत

  1. ‘क’ जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं है ‘ख’ जो अनुसूचित जनजाति का सदस्य है के विरुद्ध हत्या के अपराध के मामले में झूटी गवाही देता है की जिसके फलस्वरूप ‘ख’ दोषसिद्ध पाया जदर उसके विरुद्ध मृत्युदंड का कार्यान्वयन हो जाता है | ‘क’ निम्न दंड का भागी है |

उत्तर- मृत्यदंड

३३. इस अधिनिया के तहत किसी अपराध का विचरण कोण कर सकता है ?

उत्तर- राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट विशेष न्यायलय

३४. किस धारा के तहत राज्य सरकार को सामूहिक जुर्माना अधिरोपित करने की शक्ति है ?

उत्तर- धरा १६

३५. निष्कासन से सम्बंधित उपबंध किस अध्याय में किये गए हे ?

उत्तर- ३

३६. मार्च २०१४ के संशोधन के अनुसार धारा १० के तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम अवधि के लिए निष्कासित किया जा सकता है ?

उत्तर- ३ वर्ष

३७. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम १९८९ के अधीन अपराध का विचारण किया जा सकता है-

उत्तर- ऐसे सत्र न्यायलय द्वारा जो राज्य सरकार द्वारा इस हेतु विशेषतः विनिर्दिष्ट किया गया हो

३८. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम १९८९ के अधीन अपराध में आरोपित अभियुक्त निम्न प्रावधान के अधीन जमानत हेतु आवेदन नहीं कर सकता है-

उत्तर- अंतर्गत धारा ४३८ दंड प्रक्रिया संहिता 

३९. केंद्रीय सरकार को नियम बनाने की शक्ति किस धारा के तहत प्राप्त हे ?

उत्तर- धारा 23

४०. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम १९८९ के अधीन कोई अपराध करने का दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के सम्बन्धित में अपराधी परिवीक्षा अधिनियम, 1958 के प्रावधान- 

उत्तर- लागु नहीं होंगें यदि उसकी आयु १८ वर्ष से अधिक है

४१. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम १९८९ की धारा ७ के तहत न्यायलय विचरण की अवधि के दोरान संपत्ति की कुर्की करने के लिए स्वतन्त्र होगा –

उत्तर- हाँ

४२. धारा १० के अधीन दिए गए आदेश का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति दण्डित किया जा सकेगा –

उत्तर- एक वर्ष तक कारावास एवँ जुर्माना

४३. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम १९८९ के अधीन कोई भी अपराध-

उत्तर- केवल इसे व्यक्ति द्वारा कारित किया जा सकता है, जो अ.जा. या अ.जजा. का नहीं है 

४४. सद्बव्नापुर्वक की गई कर्यवाही के लिए संरक्षण किस धारा के तहत प्राप्त है ?

उत्तर- धारा २२

४५. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम १९८९ के अंतर्गत दण्डनीय अपराधों के विचारण की अधिकारिता निम्न में से किसको ?

उत्तर- विशेष न्यायलय को

४६. धारा 23 का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार ने कब नियम बनाये थे ?

उत्तर- १९९५ में

४७. याद्दी किसी व्यक्ति को यह विश्वास करना का कारण हो की उसे अनुसूचित जाति एवं जनजाति

अधिनियम १९८९ के अंतर्गत दण्डनीय किसी अपराध के लिए गिरफ्तार किया जा सकता हे, तब वह निम्न अदालतों में से किसको अपनी अग्रिम जमानत (दंड प्रक्रिया संहिता ४३८) हेतु आवेदन कर सकता हे ?

उत्तर- कंही  भी नहीं

४८. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम १९८९ भारतीय संविधान के किस अनु. से सम्बंधित ?

उत्तर- १७

४९. कोई भी व्यक्ति जो अनुसूचित जाती या जनजाति को सदस्य नहीं हे, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सदस्य को उसके माकन, गाँव या निवास के मूल स्थान को छोड़ने हेतु विवश करता हे या कराता है, वह दण्डनीय होगा-

उत्तर- ६ माह से कम न होने वाले, परन्तु जो पांच वर्ष तक हो सकता है कारावास से

५०. विधि विरुद्ध अनिवार्य श्रम अस्पृश्यता का आचरण समझा जायेगा जब कोई व्यक्ति दुसरे व्यक्ति को मजबूर करता है-

उत्तर- अनुच्छेद ३ में उल्लेखित कृत्य

५१. जो कोई लोक सेवक होते हुए किन्तु अनुसूचित जाति एवं जनजाति का सदस्य न होते हुए जानबूझकर अपने कर्तव्यों जिनका अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम १९८९ के अधीन उसका पालन किया जाना अपेक्षित हे, की उपेक्षा करता हे, कम से कम कितने कारावास से दण्डित होगा-

उत्तर- ६ माह 

५२. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम १९८९ की धारा ३ के खंड (च) तथा खंड (छ) के प्रयोजनों के लिए सदोष पद में क्या सम्मिलित हे-

उत्तर- इच्छा विरुद्ध कोई कार्य करना

5३. ‘अ’ एक अनुसूचित जाति का व्यक्ति ‘ब’ अनुसूचित जनजाति की महिला के शील भंग के आशय से उस पर हमला करता हे | ‘अ’ अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम १९८९ की किस धारा के अंतर्गत अपराधी हे-

उत्तर- कोई भी नहीं

५४- अधिनियम के अंतर्गत दांडिक प्रावधान जो मृत्यदंड विहित करता हे-

उत्तर- धारा ३.२.i

५५. अनुसूचित जाति एवं जनजाति के किसी सदस्य के प्रति अत्याचार के दोषी वयस्क व्यक्ति को परिवीक्षा पर-

उत्तर- नहीं छोड़ा जा सकता 

५६. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम १९८९ के  के अंतर्गत किये गए अपराध का अन्वेषण रिपोर्ट कितने समय की भीतर ?

उत्तर- ६०दिन

५७. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम १९८९ के अंतर्गत विशेष न्यायलय की स्थापना कोन करता हे ?

उत्तर- राज्य के उच्च न्यायलय के मुख्य न्यायाधिश की सहमति से राज्य सरकार

५८. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम १९८९ की धारा 23 के अंतर्गत इस अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए नियम बनाने का अधिकार किसको प्राप्त ?

उत्तर- केंद्र सरकार को

५९. अनुसूचित जनजाति के सदस्य द्वारा उपयोग में लाए जा रहे किसी जलाशय के पानी को दूषित करने वाले व्यक्ति को कितना दंड दिया जा सकता हे ?

उत्तर- 5 वर्ष तक का कारावास व जुर्माना

६०. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम १९८९ कि किस धारा में अग्रिम जमानत प्रतिबंधित है?

उत्तर- धारा १८

६१. यदि किसी अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को मृत्युदंड से दण्डनीय अपराध में दण्डित कराने के आशय से मिथ्या साक्ष्य देता हे, तो उसे कितना दंड दिया जा सकता हे ?

उत्तर- आजीवन कारावास व जुर्माना 

६२. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम 1989 के अंतर्गत लोक व्यवस्था और शांति बनाए रखने तथा अत्याचार ग्रस्त घोषित क्षेत्रों में अत्याचार रोकने के लिए कौन उत्तरदाई हैं?

उत्तर-  जिला मजिस्ट्रेट, उपखंड मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी जो पुलिस उप अधीक्षक के पद से नीचे का ना हो

६३. ‘क’ ने अपने अनुसूचित जाति के नौकर को जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए आदेशित किया कोई सबूत इस बात का नहीं है कि ‘क’ ने नौकर को इरादतन अपमानित किया था अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम क्या इस मामले में लागू होता है?

उत्तर- नहीं

६४. वह व्यक्ति जिसके विरुद्ध अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम की धारा 10 के अधीन आदेश पारित किया गया है यदि अपनी माप और फोटो लिए जाने का प्रतिरोध करता है तो वह किस धारा के अंतर्गत अपराधी समझा जाएगा?

उत्तर- धारा 186 भारतीय दंड संहिता

६५. अनुसूचित जाति का व्यक्ति अनुसूचित जाति के व्यक्ति को सार्वजनिक स्थान के अधिकार का उपयोग करने और वहां पहुंचने से प्रतिबंधित करता है अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम की किस धारा के अंतर्गत दोषी हैं |

उत्तर- कोई भी नहीं

६६. एट्रोसीटी एक्ट के अधीन अपराध करने वाले व्यक्तियों को संहिता की धारा 438 लागू नहीं होगी | यह प्रावधान अधिनियम की किस धारा में दिया गया है |

उत्तर- धारा 18

६७. अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का सरकार का कर्तव्य किस धारा के तहत उल्लेखित है |

उत्तर- धारा 21

६८. अधिनियम की धारा २१ के तहत इस अधिनियम का प्रभाव पूर्ण सुनिश्चित करने का कर्तव्य किसका है |

उत्तर-  सरकार का

६९. अत्याचार को अधिनियम की किस धारा में परिभाषित किया गया है |

उत्तर- धारा 2.1.1

७०. किस धारा में पश्चातवर्ती दोषासिद्धि के लिए दंड का प्रावधान है |

उत्तर- धारा 5

७१. इस अधिनियम के अंतर्गत किस अधिनियम के निवारण के लिए किसी अधिकारी को पुलिस या न्यायालय की शक्तियां प्रदान करने का अधिकार किसे प्रदान किया गया है |

उत्तर-  राज्य सरकार को

७२. यदि कोई व्यक्ति धारा 10 का उल्लंघन करता है, तो विशेष न्यायालय ऐसे व्यक्ति को 1 वर्ष तक के कारावास एवं जुर्माने से दंडित कर सकती हैं | यह प्रावधान किस धारा में दिया गया है –

उत्तर- धारा 13

७३. अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम की धारा 3 के अधीन अत्याचार के अपराध में दंडित किया जा सकता है –

उत्तर- कोई भी व्यक्ति जो अनुसूचित जाति जनजाति का सदस्य नहीं है

७४. अनुसूचित जाति और जनजाति अधिनियम के तहत उन शब्दों और पदों के जो इस अधिनियम में प्रयुक्त हैं, किंतु परिभाषित नहीं है तो उसका अर्थ कानून में किस संहिता के अर्थ में लगाया जाएगा-

उत्तर-  भारतीय साक्ष्य अधिनियम, दंड प्रक्रिया संहिता, भारतीय दंड संहिता |

७५. अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम के प्रावधान निम्न में से किस परिस्थिति में आकर्षित होते हैं –

उत्तर- जब परिवादी अनुसूचित जनजाति का सदस्य हो और अपराधी अनुसूचित जाति जनजाति का

७६. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम की किस धारा के तहत किसी अपराध के निवारण और उसके निपटाने के लिए राज्य सरकार के किसी अधिकारी को पुलिस अधिकारी द्वारा शक्तियां प्रदान किए जाने के संबंध में प्रावधान किया गया है-

उत्तर- धारा 9

७७. कोई भी व्यक्ति जो अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं है, अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के सदस्य को उसके मकान गांव में निवास के मूल स्थान को छोड़ने हेतु विवश करता है या कराता है, वह दंडनीय होगा –

उत्तर- ६ माह से कम ना होने वाले परंतु जो 5 वर्ष तक का हो सकता है कारावास  से

७८. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम की धारा १०(3) के तहत आदेश से प्रभावित व्यक्ति आदेश की तारीख से कितने समय के भीतर आदेश को उपन्त्रित करने के लिए अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकता ?

उत्तर- ३० दिन के भीतर

७९. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसी सदस्य को जूतों की माला पहनना क्या अपराध हे ? यदि हाँ तो किस धारा के तहत ?

उत्तर- हाँ ऐसा कृत्य अपराध हे और इस अधिनियम की धारा 3(घ) में उल्लेखित हे

८०. यदि कोई ब्यक्ति धारा १० के अधीन दिए गन न्यायलय के आदेश का उल्लंघन करेगा, तो वह दण्डनीय होगा |

उत्तर- 1 वर्ष के कारावास से

८१. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम 1989 के तहत की जा सकने वाली सद्भावना पूर्वक कार्यवाही किसके विरुद्ध नहीं होगी |

उत्तर- केंद्र सरकार के विरुद्ध, राज्य सरकार के विरुद्ध, सरकार के किसी अधिकारी या प्राधिकारी या किसी अन्य व्यक्ति के विरुद्ध | 

८२. इस अधिनियम के अधीन अभियुक्त व्यक्ति की वित्तीय सहायता के संबंध में किस प्रकार की अवधारणा की जा सकेगी |

उत्तर- उस व्यक्ति ने उस अपराध का दुस्प्रेषण किया है

८३. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम बनाए जाने के पश्चात यथाशीघ्र संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष जब वह सत्र में हो कुल कितनी अवधि के लिए रखा जाएगा |

उत्तर- 30 दिन के लिए

८४. अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति अधिनियम का अधिनियम संख्या क्रमांक कौन सा है-

उत्तर-  अधिनियम संख्या 33

८५. जो कोई व्यक्ति धारा 12 के अधीन अपना फोटो आदि लेने देने से इनकार करेगा वह दंडनीय होगा-

उत्तर- धारा 186 भारतीय दंड संहिता के

८६. अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति नियमावली 1995 के नियम १२(4) के अंतर्गत किसी लैंगिक शोषण के अत्याचार से पीड़ित महिला के लिए क्षतिपूर्ति की राशि निर्धारित है

उत्तर- ₹50000

८७. क्या अनुसूचित जाति के किसी सदस्य को उसकी जाति सूचक शब्दों का उपयोग करते हुए संबोधित करना अधिनियम की धारा 3.1.5 के अंतर्गत अपराध घटित करेगा |

उत्तर- हाँ यदि शब्दों को जनता के दृष्टिगोचर की अपमानित किया गया हो

८८. विशेष लोक अभियोजक नियुक्त होने के लिए कम से कम कितने वर्ष का विधि व्यवसाय आवश्यक है –

उत्तर- 7 वर्ष

८९. दंड प्रक्रिया संहिता 1976 की धारा उन व्यक्तियों पर लागू नहीं होती जो कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत अपराध करते हैं |

उत्तर- 438

९०. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम की धारा 5 में यदि किसी व्यक्ति को दंडित किया जाता है, तो इसे पश्चात अपराध के लिए कम से कम कितनी अवधि होगी |

उत्तर- 1 वर्ष में से

९१. निम्नलिखित में से किस अधिनियम के उपबंध  राज्य सरकार को सामूहिक जुर्माना अधिरोपित करने की शक्ति पर लागू होते हैं –

उत्तर- सिविल अधिकारों का संरक्षण अधिनियम

९२. अनुसूचित जाति और जनजाति से भिन्न कोई लोक सेवक इस अधिनियम के तहत आरोपित कर्तव्य कि जानबूझकर उपेक्षा करता है तो उसे 6 माह से 1 वर्ष तक के कारावास का दंड दिया जा सकता है यह प्रावधान  अधिनियम की कोनसी धारा में हे –

उत्तर-  धारा चार

९३. राज्य सरकार इस अधिनियम के अंतर्गत किसी अपराध के निवारण के लिए किसी अधिकारी को पुलिस या न्यायालय की शक्तियां प्रदान कर सकती है सरकार को यह शक्ति अधिनियम की कोनसी धारा देती है-

उत्तर- धारा 9

९४. अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम की धारा 17(२) के प्रयोजनों के लिए भारतीय दंड संहिता १८६० के किन अध्यायों के उपबंध प्रयोज्य होंगे –

उत्तर- अध्याय 8 अध्याय 10 अध्याय 11 के

९५. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम की धारा 3.2.5 के अनुसार भारतीय दंड संहिता के अधीन 10 वर्ष या उससे अधिक की अवधि के कारावास से दण्डनीय कोई अपराध किसी व्यक्ति या संपत्ति के विरुद्ध इस आधार पर करेगा कि ऐसा व्यक्ति अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति का सदस्य है या ऐसी संपत्ति ऐसे सदस्य की  है, वह दंडित होगा-

उत्तर- आजीवन कारावास और जुर्माने से

९६. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम विस्तृत है –

उत्तर- जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय संपूर्ण भारत में

९७. विशेष लोक अभियोजक से अभिप्राय है-

उत्तर- धारा 15 में उल्लेखित अधिवक्ता तथा विशेष लोक अभियोजक के रूप में विशिष्ट लोक अभियोजक

९८. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार से संबंधित अपराधों से पीड़ित व्यक्तियों को राहत देने एवं पुनर्वास का प्रावधान किया गया है –

उत्तर- हाँ

९९. अनुसूचित जाति – जनजाति का सदस्य होते हुए कोई लोकसेवक  इस अधिनियम की धारा 3 के अधीन दण्डनीय अपराध करता है तो वह दण्डित होगा –

उत्तर- 1 वर्ष या अवधि के कारावास से, किन्तु जो उस अपराध के लिए उपबंधित दंड तक हो सकेगी 

 १००. ‘क’ जो अनुसिचित जाति या जनजाति का सदस्य न होते हुए ‘ख’ को जो एक अनुसूचित जाति या जनजाति का सदस्य है, बेगार करने हेतु विवश करता है तो वह इस अधिनियम के तहत किस कारावास से दण्डित किया जा सकेगा ?

उत्तर- न्यूनतम ६ माह के कारावास जो 5 वर्ष तक का हो सकेगा

१०१. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम १९८९ की धारा ३(२) के ताहत अभियुक्त अग्नियुक्त या विस्फोटक पदार्थ के द्वारा रिष्टि करता है, तो उस पर कितना दंड अधिरोपित किया जायेगा?

उत्तर- दस वर्ष तक का कारावास और जुर्माना 

१०२. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम १९८९ की धारा ७ के तहत न्यायलय विचरण की अवधि के दौरान संपत्ति की कुर्की करने के लिए स्वतंत्र होगा –

उत्तर- हाँ

१०३. इस अधिनियम के तहत व्यक्तियों की संपत्ति के समपहरण का प्रावधान है |

उत्तर- धारा ७ के तहत

१०४. एक व्यक्ति ऑ अधिनियम के अध्याय २ के अधीन किसी अपराध केलिए पहले ही दोषसिद्ध हो चूका है, किसी पश्चातवर्ती अपराध के लिए दोषसिद्ध किया जाता है, वह दंडनीय होगा-

उत्तर- कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष से कम नहीं होगी, किन्तु जो उस अपराध के लिए उपबंधित दंड तक हो सकेगी

१०५. संविधान के अनु. २४४ में यथानिर्दिष्ट अनुसूचित क्षेत्रों से अनुसूचित जाति और जनजाति अधिनियम १९८९ के अद्याय २ के तहत अपराध करने की संभावनाओं वाले व्यक्ति को उस क्षेत्र से हटाए जाने का निर्देश कोण दे सकता है-

उत्तर- विशेष न्यायलय

१०६. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम की धारा 8 के तहत न्यायलय द्वारा कोन सी उपधारणा अपराध कारित करने के सम्बन्ध में की जाएगी?

उत्तर- सामान्य उद्देश्य सामान्य आशय दुष्प्रेषण

१०७. इस अधिनियम के तहत अपराध के लिए अभियोजन में अदि यह साबित हो जाता हे की अभियुक्त ने संदेहास्पद व्यक्ति को वित्तीय सहायता की है, जो विशेष न्यायालय जब तक तत्प्रतिकुल साबित न किया जाए-

उत्तर- यह उपधारणा करेगा की ऐसे व्यक्ति ने उस अपराध का दुष्प्रेषण किया है

१०८. ऐसे व्यक्ति जिसके विरुद्ध धारा १० के अधीन आदेश किया गया है, विशेष न्यायलय द्वारा अपेक्षा किये जाने पर किसको किसको अपने माप और फोटो लेने देगा ?

उत्तर- किसी पुलिस अधिकारी को

१०९. ऐसे व्यक्तियों के, जिनके जिसके विरुद्ध धारा १० के अधीन आदेश किया गया है, माप और फोटो आदि लेने का प्रावधान है ?

उत्तर- धारा १२

११०. अधिनियम के तहत किसी व्यक्ति द्वारा सम्बंधित क्षेत्र से हटने में असफल रहने और वहां से हटने के पश्चात उसमें प्रवेश करने की दशा में प्रक्रिया का प्रावधान किया गया हे?

उत्तर- धारा ११

१११. इस अधिनियम के तहत कोई व्यक्ति जिसको धारा १० के तहत किसी क्षेत्र से हटने के लिए कोई आदेश जारी किया गया है, उसे विशेष न्यायलय किस परिस्थिति के अनुसार गिरफ्तार कर सकेगा ?

उत्तर- धारा १३ 

११२. इस अधिनियम की धारा 14 के तहत विशेष न्यायलय का गठन किया जाता है-

उत्तर- शीघ्र विचारण का उपबंध करने के प्रयोजन के लिए

११३. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के तहत विशेष न्यायलय का गठन किसके द्वारा किया जायेगा –

उत्तर- राज्य सरकार द्वारा उच्च न्यायलय के मुख्य न्यायाधीश की सहमति से

११४. एक विशेष लोक अभियोजक को कितने वर्ष कटक अधिवक्ता के रूप में विधि व्यवसाय का अनुभव आवश्यक है?

उत्तर- ७ वर्ष

११५. राज्य सरकार इस अधिनियम के अधीन अपराधों के विचारण हेतु विशेष न्यायलय विनिर्दिष्ट करती है, जिसका पीठासीन अधिकारी होगा-

उत्तर- सेशन न्यायाधीश

११६. दंड प्रक्रिया की धारा ४३८ कि कोई बात इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध करने के अभियोग पर किसी व्यक्ति की गिरफ़्तारी के किसी मामले के सम्बन्ध में-

उत्तर- लागु नहीं होगी

११७. इस अधिनयम की किस धारा के तहत विधि एवं व्यवस्था तंत्र द्वारा निवारक कार्यवाही का प्रावधान किया गया है?

उत्तर- धारा १७

११८. राज्य सरकार की सामूहिक जुर्माना अधिरोपित करने की शक्ति धारा १६ के तहत कौनसे अधिनियम के उपबंधों के अधीन किया जाएगा?

उत्तर- सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम १९५५ की अधिनियम की धारा १०-क के तहत

११९. सद्भावनापूर्वक की गई दर्य्वाही के लिए संरक्षण का प्रावधान किया गया है?

उत्तर- धारा २२

१२०. कौन प्रत्येक वर्ष संसद के प्रत्येक सदन के पटल पर धारा २१ की उपबंधों के अधीन किये गए उपायों के सम्बन्ध में एक रिपोर्ट रखेगी?

उत्तर- केंद्रीय सरकार

१२१. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के अंतर्गत प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशिष्टियों होंगी –

उत्तर- राहत एवं पुनरुद्धार 

१२२. इस अधिनियम के अधीन अपराध के लिए दोषी व्यक्तिओं की दंड प्रक्रिया संहिता की धारा ३६० या अपराधी परिवीक्षा अधिनियम के उपबंध का लागु न होना, किस धारा में प्रावधान है ?

उत्तर- धारा १९ में

१२३. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा ३६० या अपराधी परिवीक्षा अधिनियम के उपबंध तब लागु होंगे, यदि अपराधी की आयु –

उत्तर- १८ वर्ष से अधिक हो

१२४. राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम के प्रयोजनों को क्रियान्वयन करने हेतु कौन नियम बना सकेगी?

उत्तर- केंद्रीय सरकार

१२५. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम क्र अधीन कोई भी अपराध-

उत्तर- केवल ऐसे व्यक्ति द्वारा कारित किया जा सकता है अनुसूचित जाति या जनजाति का नहीं है

१२६. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के अधीन अपराध में आरोपित अभियुक्त किस प्रावधान के अधीन जमानत हेतु आवेधन नहीं कर सकता है-

उत्तर- धारा ४३८ दंड प्रक्रिया संहिता

१२७. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के अधीन कोई अपराध करने का दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के सम्बन्ध में अपराधी परिवीक्षा अधिनियम १९५८ के प्रावधान-

उत्तर- लागु नहीं होंगे यदि उसकी आयु १८ वर्ष से अधिक है

१२८. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के अधीन अपराध का विचारण किया जा सकता है-

उत्तर- ऐसे सत्र न्यायलय द्वारा, जो राज्य सरकार द्वारा इस हेतु विशेषतः विनिर्दिष्ट किया गया हो

१२९. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम १९८९ के अंतर्गत शब्द ‘अत्याचार’ का अर्थ है:

उत्तर- उक्त अधिनियम की धारा ३ के अंतर्गत दण्डनीय कोई भी अपराध

१३०. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के अंतर्गत दण्डनीय अपराधों के विचारण की अधिकारीता किसको है?

उत्तर- विशेष न्यायलय

१३१. क्या अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के अंतर्गत दंड अधिनिर्णित करने वाला न्यायलय किसी व्यक्ति को कारावास की सजा अधिनिर्णित करने के साथ साथ उसकी संपत्ति की कुर्की का आदेश भी दे सकता है?

उत्तर- हाँ 

१३२. यदि किसी व्यक्ति को विश्वास करने का कारण हो की उसे अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के अंतर्गत दण्डनीय किसी अपराध के लिए गिरफ्तार किया जा सकता है, तब वह किस अदालत में अग्रिम जमानत हेतु आवेदन दे सकता है?

उत्तर- कहीं भी नहीं

१३३. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के प्रावधान किस परिस्थिति में आकर्षित होते है-

उत्तर- जब परिवादी अनुसूचित जाति का सदस्य हो और अपराधी अनुसूचित जाति/जनजाति का सदस्य ना हो

१३४. अत्याचार निवारण के लिए राज्य सरकार ‘विशेष न्यायलय’ का गठन किस धारा के अंतर्गत करेगा-

उत्तर- धारा 14

१३५. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के अंतर्गत अधिकतम दंड का प्रावधान क्या है?

उत्तर- मृत्युदंड

१३६. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम को राष्ट्रपति की सहमति कब प्राप्त हुई थी?

उत्तर- ११/९/१९८९

१३७. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम की किस धारा में ‘अत्याचार’ दण्डनीय है?

उत्तर- धारा ३(1)

१३८. ‘क’ एक अनुसूचित जाति का व्यक्ति ‘ख’ अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को एक सार्वजनिक स्थान के अधिकार का उपयोग करने से प्रतिबंधित करता है | वह दण्डनीय होगा-

उत्तर- इस अधिनियम के तहत नहीं

१३९. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के अंतर्गत लोक व्यवस्था और शांति बनाए रखने तथा अत्याचारग्रस्त घोषित क्षेत्रों में अत्यचार रोकने के लिए कोण उत्तरदायी है?

उत्तर- जिला मजिस्ट्रेट, उप खंड मजिस्ट्रेट, उप-पुलिस-अधीक्षक की रेंज से ऊपर का अधिकारी

१४०. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के अधीन नियम बनाने की शक्ति किसके पास है?

उत्तर- केंद्र सरकार के पास

१४१. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के अंतर्गत किये गए अपराध का अन्वेषण करने के लिए नियुक्त अन्वेषक अधिकारी अपनी रिपोर्ट कितने दिन में सोंपेगा?

उत्तर- ६० दिन 

१४२. अनुसूचित जाति एवं जनजाति नियमावली १९९५ के नियम १२(4) के अंतर्गत किसी लेंगिक शोषण के अत्याचार से पीड़ित महिला के लिए क्षतिपूर्ति की राशी निर्धारित है-

उत्तर- ५०००० रुपया

१४३. अधिनियम के अधीन दांडिक प्रावधान जो मृत्युदंड विहित करता है?

उत्तर- धारा ३.२.4

१४४. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के अधीन विशेष लोक अदालत का प्रावधान किस धारा के तहत किया गया है?

उत्तर- धारा 14

१४५. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के अधीन विशेष लोक अभियोजक का प्रावधान किस धारा के तहत किया गया है?

उत्तर- धारा 1

१४६. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम संविधान के किस अनु. से सम्बंधित है?

उत्तर- अनु.१७

१४७. एक ऐसे स्कूल के प्राचार्य द्वारा की जिसकी स्थापना समाज के एक वर्ग विशेष हेतु की गई है, किसी व्यक्ति को स्कूल में प्रवेश की अनुमति इस आधार पर नहीं दी जाती की वह अनुसूचित जाति का सदस्य है | प्राचार्य द्वारा सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम १९५५ के निम्न प्रावधान के अधीन अपराध किया है-

उत्तर- धारा 5

१४८. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के किस अध्याय में इस अधिनियम के अंतर्गत कारित अपराधों का विवरण है-

उत्तर- अध्याय २

१४९. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम की किस धारा में नियम बनाने की शक्ति प्रदान की गई है-

उत्तर- धारा 23

१५०. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम की धारा 23 के तहत नियम किस तिथि को अधिसूचित हुए-

उत्तर- ३१ मार्च १९९५

१५१. इस अधिनियम के अधीन किसी मामले की विवेचना किस पंक्ति से निचे का पुलिस अधिकारी नहीं कर सकता-

उत्तर- उप पुलिस अधीक्षक

 १५२. भारत के संविधान के किस अनु. के अधीन अस्पृश्यता का अंत है?

उत्तर- अनु. १७

१५३. अनुसूचित जाति एवं जनजाति नियम १९९५ के अनुसार अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के अंतर्गत किसी अपराध की सूचना किसे दी जा सकती है-

उत्तर- थाने पर पदस्त किसी भी पुलिसकर्मी को

१५४. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति नियम 1995 के नियम 12(1) के अंतर्गत अत्याचार वाले घटनास्थल पर किस अधिकारी अधिकारियों का जाने का प्रावधान है ?

उत्तर- पुलिस अधीक्षक व जिला मजिस्ट्रेट

१५५. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम 1989 अंतर्गत न्यूनतम दंड दिया जा सकता है-

उत्तर- 6 माह का कारावास

१५६. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के अंतर्गत अधिकतम दंड दिया जा सकता है

उत्तर- मृत्युदंड

१५७. अनुसूचित जाति और जनजाति अधिनियम की प्रस्तावना में किस शब्दावली का समावेश नहीं है-

उत्तर- अनुसूचित जाति जनजाति के सदस्यों का सामाजिक आर्थिक विकास

१५८. अनुसूचित जनजाति अधिनियम की धारा 3.2.i के अंतर्गत जहां अपराधी कोई लोकसेवक हो-

उत्तर- उसके लिए न्यूनतम 1 वर्ष का कारावास

१५९. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम की कोनसी धारा लोक सेवक द्वारा कर्तव्यों की उपेक्षा के लिए दंड का प्रावधान करती है

उत्तर- धारा चार

१६०. अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत न्यूनतम दंड है-

उत्तर- 1 वर्ष का कारावास\

१६१. अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम की धारा 7(1) के अंतर्गत संपत्ति की कुर्की करने की शर्ते हैं-

उत्तर- उसका अपराध कार्य में उपयोग सिद्ध होना 

१६२. अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम की धारा ७(२) के अंतर्गत कुर्क की गई संपत्ति अधिकरण की जाएगी ?

उत्तर- जुर्माने की वसूली के लिए

१६३. अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम की धारा 7(1) के अंतर्गत दोषसिद्ध व्यक्ति की संपत्ति का समपहरण किसको किया जाएगा ?

उत्तर- सरकार को

१६४. अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम के अंतर्गत किसी अपराध के अभियुक्त व्यक्ति की आर्थिक सहायता करने वाले को मन जायेगा ?

उत्तर- उस अपराध का दुष्प्रेषक

१६५. विशेष न्यायालयों का गठन अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम की किस धारा के अंतर्गत किया जाता है?

उत्तर- धारा 14

१६६. इस अधिनियम के अधीन न्यायालयों का गठन किया जाता है ?

उत्तर- राज्य सरकार द्वारा

१६७. इस अधिनियम के अधीन विशेष न्यायालयों का गठन करने के लिए राज्य सरकार हेतु अनिवार्य हैं –

उत्तर- उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श

१६८. इस अधिनियम की धारा 14 के अधीन विशेष न्यायालयों का गठन किया जाता है

उत्तर- प्रत्येक जिले में

१६९. इस अधिनियम के अधीन गठित विशेष न्यायलय कार्य करते है-

उत्तर- मूल अधिकारिता न्यायलय के रूप में

१७०. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के अंतर्गत किये गए अपराध का अन्वेषण करने के लिए नियुक्त अन्वेषक अधिकारी अपनी रिपोर्ट कितने दिन में सोंपेगा?

उत्तर- ६० दिन

१७१. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम की धारा १७ के अंतर्गत निवारक कार्यवाही करने में कौन सक्षम नहीं है?

उत्तर- जिला न्यायाधीश 

१७२. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के तहत सद्भावनापूर्वक कार्यवाही करने के लिए किसे संरक्षण प्राप्त है?

उत्तर- किसी भी व्यक्ति को

१७३. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के तहत किसी भी व्यक्ति को किसी भी स्थान से हटाने का अधिकार किसे है?

उत्तर- विशेष न्यायलय

१७४. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम की धारा १० के अंतर्गत विशेष न्यायलय किसी व्यक्ति को अधिकतम कितनी अवधि के लिए किसी क्षेत्र से हटा सकता है?

उत्तर- २ वर्ष

१७५. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम की धारा १० के अंतर्गत विशेष न्यायलय किसी व्यक्ति को किसी क्षेत्र से हटाने का आदेश कर सकता है?

उत्तर- संविधान के अनु. २४४ में निर्दिष्ट क्षेत्र

१७६. विशेष न्यायालयों का गठन इस अधिनियम के अधीन किस अध्याय में वर्णित है?

उत्तर- 4

१७७. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के अधीन कुल अपराधों की संख्या है?

उत्तर- २२

१७८. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम की धारा ३ में है?

उत्तर- आपराधिक कृत्यों की सूचि व दंड का प्रावधान

१७९. इस अधिनियम के अंतर्गत अनुसूचित जाति/जनजाति सदस्यों को संरक्षण प्राप्त है-

उत्तर- व्यक्तिगत व सामाजिक उत्पीडन से

१८०. विशेष न्यायलय की स्थापना का उद्देश्य है?

उत्तर- त्वरित विचारण

१८१. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकारों को आवश्यक उपाय करने हेतु उपबंध किस धारा में है?

उत्तर- २१ 

१८२. इस अधिनियम की धारा २१(4) में प्रावधान है?

उत्तर- संसद के में वार्षिक प्रतिवेदन रखना

१८३. इस अधिनियम के अधीन गठित अपराधों के लिए पुलिस को अधिकार है?

उत्तर- बिना वारंट अभियुक्त की गिरफ़्तारी तथा बिना न्यायलय की अनुमति के अन्वेषण प्रारम्भ करने के

१८४. इस अधिनियम की धारा 9 के अधीन ………… सरकार ………….. अधिकारी को शक्तियों प्रदान कर सकती है |

उत्तर- राज्य, किसी

१८५. अनुसूचित जाति एवं जनजाति नियम १९९५ के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक विशेष न्यायालयों में मामले के संचालन हेतु अधिवक्ताओं का पैनल किसकी अनुशंसा पर तैयार किया जायेगा |

उत्तर- जिला मजिस्ट्रेट

१८६. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के तहत अपराधों की उपधारण कब की जाएगी?

उत्तर- जब अपराधी की आर्थिक सहायता की गई हो तथा भूमि सम्बंधित विवाद हो

१८७. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम में से किस धारा के अंतर्गत अभियुक्त केवल एक अकेला व्यक्ति नहीं हो सकता?

उत्तर- धारा 8

१८८. अनुसूचित जाति एवं जनजाति संरक्षण कक्ष का प्रमुख होगा?

उत्तर- पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिरीक्षक

१८९. विशेष अधिकारी की रैंक होनी चाहिए कम से कम-

उत्तर- सब डिवीज़नल मजिस्ट्रेट

१९०. नोडल ऑफिसर्स को रैंक होगी-

उत्तर- प्रमुख सचिव

१९१. यात्रा भत्ता दिया जायेगा-

उत्तर- पीड़ित को, पीड़ित के आश्रित को, साक्षी को 

१९२. राज्य स्तरीय सतर्कता और मॉनिटरी समिति का अध्यक्ष होता है-

उत्तर- मुख्यमंत्री

१९३. राज्य स्तरीय सतर्कता और मॉनिटरी समिति के मंत्री सदस्यों में कौन शामिल नहीं होता?

उत्तर- विधि मंत्री

१९४. राज्य स्तरीय सतर्कता और मॉनिटरी समिति के अधिकारी सदस्यों में कौन शामिल नहीं होता ?

उत्तर- कल्याण सचिव

१९५. राज्य स्तरीय सतर्कता और मॉनिटरी समिति का सचिव होगा?

उत्तर- जिला समाज कल्याण अधिकारी

१९६. राज्य सरकार द्वारा केन्द्र सरकार को रिपोर्ट किस तिथि से पूर्व भेजी जानी चाहिए?

उत्तर- ३१ मार्च

१९७. इस एक्ट में २०१५ के संशोधन द्वारा ‘विशेष न्यायालयों’ शब्दों के स्थान पर कोनसा शब्द प्रतिस्थापित किये गए?

उत्तर- विशेष न्यायालयों और अनन्य विशेष न्यायालयों

१९८. आर्थिक बहिष्कार को अधिनियम की किस धारा में परिभाषित किया गया है?

उत्तर- धारा २खग

१९९. अन्य व्यक्ति से भाड़े पर कार्य से सम्बंधित संव्यवहार करने या कारोबार करने से इंकार करना| इस अधिनियम के तहत कोनसा बहिष्कार माना जायेगा?

उत्तर- आर्थिक बहिष्कार

२००. कौनसे शब्द मार्च २०१४ के संशोधन द्वारा जोड़े गए?

उत्तर- सामाजिक बहिष्कार, वन अधिकारी, पीड़ित व साक्षी

२०१. अनन्य विशेष न्यायलय को अधिनियम की किस धारा में परिभाषित किया गया है?

उत्तर- धारा २खघ

२०२. अधिनियम की धारा २खड़ के अनुसार वन अधिकारी का वह अर्थ होगा-

उत्तर- अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी अधिनियम २००६ का (२) की धारा ३ की उपधारा १० में है

२०३. वर्ष २०१५ के संशोधन के द्वारा इस अधिनियम में प्रयुक्त ऐसे शब्द और पद को जो परिभाषित नहीं है का अर्थ यथास्थिति भारतीय दंड संहिता १८६० के अलावा कौन से अधिनियम में पर्तिभाषित से समझा जायेगा?

उत्तर- दंड प्रक्रिया संहिता १९७४

२०४. क्या इस अधिनियम के तहत अनुसूचित जाति एवं जनजाति की स्त्री को किसी देवदासी के रूप में पूजा जाना अपराध है?

उत्तर- हाँ

२०५. इस अधिनियम में २०१५ के संशोधन द्वारा संविधान के किन भागों के तहत कर्तव्य पालन में बाधा डालने को अपराध माना गया है?

उत्तर- भाग-9 तथा भाग-९क

२०६. किसी अनुसूचित जाति एवं जनजाति के व्यक्ति को घोड़े पर बारात निकलने से रोकना क्या अपराध समझा जायेगा?

उत्तर- हाँ धारा ३.1.य.क.

२०७. अपीलों का प्रावधान किस धारा में है?

उत्तर- धारा १४क

२०८. किस अध्याय को मार्च २०१४ संशोधन द्वारा जोड़ा गया ?

उत्तर- अध्याय ४क

२०९. नविन संशोधन के तहत किस धारा में पीड़ित व साक्षी के अधिकार को अन्तः स्थापित किया गया?

उत्तर- धारा १५क

२१०. अत्याचारों से पीड़ित व उनके आश्रितों का गैर सरकारी संगठनों सामाजिक कार्यकर्ताओं या अधिवक्ताओं से सहायता लेने का अधिकार होगा | यह उपबंध अधिनियम की कोनसी धारा करती है?

उत्तर- धारा १५(१२)

२११. किसी अपराध के लिए दोषसिद्ध पाए जाने पर धारा ७ के तहत उस व्यक्ति की संपत्ति का सरकार में समपहरण करने का आदेश कौन देता है?

उत्तर- विशेष न्यायलय 

२१२. इस अधिनियम के तहत अपराधी के बारे में उपधारणा का प्रावधान किया गया है?

उत्तर- धारा 8 में

२१३. मध्यप्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति व जनजाति नियम कब बनाया गया?

उत्तर- २०१५

२१४. मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति राहत नियम २०१५ कब राजपत्र में प्रकाशित हुआ था?

उत्तर- १५ जून २०१५

२१५. मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति राहत नियम २०१५ का विस्तार है-

उत्तर- सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में

२१६. मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति राहत नियम २०१५ के किस नियम के तहत राहत की परिभाषा दी गई है?

उत्तर- नियम २ के उपखंड 1(६) में

२१७. मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति राहत नियम २०१५ में राहत से आशय है?

उत्तर- जरूरतमंद अनुसूचित जाति के व्यक्ति तथा उसके परिवार के लिए स्वीकृत नगद आर्थिक सहायता

२१८. राहत की पात्रता वाले व्यक्ति का मकान जला दिये जाने की स्थिति में अधिकतम राहत राशी कितनी होगी?

उत्तर- १५००० रु

२१९. परिवार के मुख्या के निधन पर तात्कालिक राहत राशी दी जावेगी?

उत्तर- १००००रु

२२०. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम १९८९ प्रवृत हुआ था?

उत्तर- ३० जनवरी १९९०

२२१. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम, अनुसूचित जाति एवं जनजाति की उन्नति के लिए एक प्रावधान है जो किस सिद्धांत पर आधारित है?

उत्तर- संरक्षा विभेद का सिद्धांत 

२२२. कोनसी शक्ति अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के अधीन विनिर्दिष्ट विशेष न्यायलय को नहीं दी गई है?

उत्तर- पुलिस से भिन्न किसी व्यक्ति को अतिरिक्त अन्वेषण करने के लिए अधिकृत करना

२२३. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम में क्या पूर्णतः निषिद्ध है?

उत्तर- गिरफ़्तारी पशचात जमानत

२२४. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के अधीन सामूहिक जुर्माना वसूल करने की शक्ति किसके पास है?

उत्तर- राज्य सरकार के पास

२२५. अनुसूचित जाति एवं जनजाति को किस अनु. के अंतर्गत मौलिक सामाजिक आर्थिक राजनितिक धार्मिक तथा संस्कृतिक अधिकार दिए गए है?

उत्तर- अनु. १७

२२६. अनुसूचित जाति एवं जनजाति नियम १९९५ की किस धारा में जिला स्तरीय सतर्कता और मोनिटरी समिति के गठन का उपबंध है?

उत्तर- धारा १६

२२७. अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम की किस धारा में भारतीय दंड संहिता के कतिपय उपबंधों का लागु होना उपबंधित है?

उत्तर- धारा ६

२२८. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की स्थापना किस अनुच्छेद के अंतर्गत की गयी है?

उत्तर- अनुच्छेद ३३८

२२९. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग कैसा निकाय है?

उत्तर- संवैधानिक निकाय

२३०. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति कौन करता है?

उत्तर- राष्ट्रपति

२३१. किस संविधान संशोधन के द्वारा अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए एक आयोग की स्थापना की सिफारिस की गयी है?

उत्तर- 65 वां संविधान संशोधन 

२३२. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष का कार्यकाल कितने साल का होता है?

उत्तर- तय नही है, राष्ट्रपति के प्रसाद पर्यंत

२३३. वर्तमान में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष कौन हैं?

उत्तर- नन्दकुमार साय

२३४. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग कब से अस्तित्व में आया है?

उत्तर-

 २३५. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 330 से 342 तक किससे सम्बंधित हैं ?

उत्तर- लोक सभा में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के आरक्षण तथा प्रतिनिधित्व से

२३६. संविधान के किस अनुच्छेद मे अनुसूचित जनजाति का वर्णन हैं?

उत्तर- 342

२३७. संविधान के किस अनुच्छे मे अनुसूचित जाती का वर्णन हैं?

उत्तर- 341

२३८. “किसी SC/ST के व्यक्ति के स्वामित्व या आवंटित किसी भूमि को हस्तांतरित करा देना या अधिभोग करना” यह अपराध किस धारा मे वर्णित हैं?

उत्तर- धारा 3

२३९. एसटी/एससी अधिनियम किस राज्य मे लागू नहीं होता हैं?

उत्तर- जम्मू कश्मीर

२४०. छुआ छूत के आधार पर अस्पताल आदि मे व्यक्तियों को प्रवेश देने से इंकार करने पर दण्ड का प्रावधान किस धारा मे वर्णित हैं?

उत्तर- धारा 5