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आई. टी. संबंधित योजना

डिजिटल लॉकर कार्यक्रम

लागू तिथि-  सितंबर 2016

 उद्देश्य–   इस कार्यक्रम के तहत भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में बदलना |

 कार्यप्रणाली-   यह एक फ्लैगशिप कार्यक्रम के रूप में कागज रहित शासन के विचार पर लक्षित डिजिटल लॉकर डिजिटल तरीके से सभी दस्तावेजों और उन्हें जारी करने के लिए एक प्लेटफार्म है इस प्रकार भौतिक दस्तावेजों के उपयोग को बंद करने की एक पहल है

लाभ–  इस योजना के माध्यम से नागरिकों को अपने खाते में अपने सभी प्रमुख दस्तावेजों की  स्कैन प्रतियां अपलोड करने की सुविधा प्राप्त होती है जिससे हार्ड कॉपी के गुम हो जाने पर हम उसे इस सुविधा के द्वारा उसे वापस प्राप्त कर सकते हैं साथ ही साथ हमें दस्तावेजों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में ई -साइन सुविधा का प्रयोग भी हस्ताक्षर के लिए कर सकते हैं

प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना

लागू तिथि- 1 जनवरी 2013

 उद्देश्य–  एक पारदर्शी और कुशल तरीके से कल्याण सेवाओं की प्रदायगी के लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रायोजन ही इस प्रमुख योजना का उद्देश्य है |

कार्यप्रणाली-  इसके अंतर्गत आधार भुगतान ब्रिज (APB) को राष्ट्रीय भुगतान निगम द्वारा स्थापित किया गया है जिसमें एक वेध  भुगतान प्रणाली के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मंजूरी दी गई है |

 लाभ–  यह दोनों हितधारकों अर्थात सरकार और निवासियों के लिए लाभ के साथ-साथ बैंकिंग लेनदेन  से संबंधित चुनौतियों से निपटने में मदद करती है भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार सभी केंद्रीय प्रायोजित और केंद्रीय क्षेत्र की योजनाएं DVT  के दायरे में आती है |

प्रमुख बिंदु-  31 दिसंबर 2016 AGV  पर 11.11 करोड़ से अधिक के लेनदेन किए गए जिसके तहत 9801 करोड से अधिक की राशि प्रदान की गई है |

डिजिटल इंडिया कार्यक्रम

लागू तिथि-  20 अगस्त 2014

 उद्देश्य– डिजिटल इंडिया भारत सरकार की एक पहल है जिसके तहत सरकारी विभागों को देश की जनता से जोड़ना है इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित कराना है कि बिना कागज के इस्तेमाल की  सरकारी सेवाएं इलेक्ट्रॉनिक रूप में जनता तक पहुंच सके देश को डिजिटल के साथ तकनीकी सूचना शक्ति संपन्न एवं उन्नत अर्थव्यवस्था विकसित करना |

 कार्यप्रणाली- यह कार्यक्रम तीन प्रमुख घटकों पर कार्य करती है :

  1. डिजिटल आधारभूत ढांचे का निर्माण करना | 
  2. मांग पर सरकारी सेवाओं को ई रूप से आम जनता तक पहुंचाना |
  3. नागरिकों को डिजिटल सशक्तिकरण से अवगत कराना |

 

लाभ–  योजना को 2019 तक कार्यान्वित करने का लक्ष्य है  एक 2 -वे प्लेटफार्म का निर्माण किया जाएगा जहां सेवा  प्रदाता एवं उपभोक्ता दोनों को लाभ प्राप्त होगा यह एक अंतर मंत्रालयी पहल होगी, जहां सभी मंत्रालय तथा विभाग अपनी सेवाएं जनता तक पहुंचाएंगे जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, आवाज, रोजगार, एवं न्यायिक सेवा आदि |  इसमें ppp मॉडल को अपनाया गया है |

लेस केस टाउनशिप

लागू तिथि- 14 अप्रैल 2017

 उद्देश्य – इस योजना  के अंतर्गत ऐसे शहरों को शामिल किया गया है जो प्रतिदिन 2.5 लाख नकद रहित लेनदेन करेंगे यानी प्रतिवर्ष 9 करोड़ कैश- लैस ट्रांजैक्शन |

 कार्यप्रणाली- यह गुजरात नर्मदा टैली फर्टिलाइजर केमिकल्स लिमिटेड द्वारा विकसित नगद रहित या कम नकद वाले टाउनशिप मॉडल का शुभारंभ किया जाएगा  |

शुरुआत मैं यह 12 राज्यों के 81 टाउनशिप को इसमें चुना जाएगा जिसमें 56 गुजरात राज्य के ही शामिल है |

लाभ–   इसके अंतर्गत कैश -लैस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा दिया जा रहा है और 2॰5 लाख तक प्रतिदिन नगद लेनदेन वाले शहरों को शामिल किया जा रहा है |

भीम (BHIM)

पूरा नाम–  Bharat interface for money 

 लागू तिथि-   14 अप्रैल 2017 को तत्कालीन पी.एम द्वारा भीमराव अंबेडकर की 126 वी जयंती के उपलक्ष पर

 उद्देश्य-    यह क्रम नकद आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है जो डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देगा इसके माध्यम से वे लोग जो अनपढ़ है वह सभी इस ऐप का इस्तेमाल आसानी से कर सकते हैं|

 कार्य– Bhim  ऐप आधार लिंक आधारित मनी ट्रांसफर एप है जो किसी भी ग्राहक के बायोमेट्रिक विवरण का प्रमाणन उसके आधार लिंक फिंगरप्रिंट स्केनर के द्वारा किया जाता है इसका मतलब आपको किसी मर्चेंटस  या रिटेलर्स के यहां खरीदारी के लिए न पासवर्ड, ना पिन, ना डेबिट कार्ड जैसे विवरणों को बताने या दिखाने की आवश्यकता नहीं है आपको सिर्फ अपना अंगूठा निशान दिखाना ही पर्याप्त है |

 लाभ–   इसके माध्यम से अनपढ़ व्यक्ति भी कैशलैस ट्रांजैक्शन का लाभ उठा सकता है एवं उसे किसी भी प्रकार का पिन पासवर्ड एवं एंड्राइड मोबाइल की आवश्यकता के बिना वह कैशलेस लेनदेन अपने अंगूठे की छाप के माध्यम से कर सकता है |

CM HELPLINE NO॰

लागू तिथि-    2014 से प्रारंभ( मध्य सी एम  शिवराज सिंह चौहान द्वारा )

 उद्देश्य–  भारत के मध्य प्रदेश राज्य में CM helpline no॰  एक ऐसी सेवा है जो मुख्यमंत्री व नागरिकों मैं समन्वय करती है मध्यप्रदेश में सभी खुशी हो निरोगी हो एवं सबका कल्याण हो एवं सभी  को समान न्याय मिले इसी उद्देश्य से प्रदेश मे CM helpline 181 प्रारंभ की गई जो प्रदेश की शिव शासन व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त और जनहित में सक्रिय बनी रह सके |

 कार्यप्रणाली-    प्रदेश के विभिन्न विभागों के 5000 अधिकारी/ का कर्मचारी को जोड़ा गया है जो इस हेल्पलाइन से प्राप्त समस्याओं का निराकरण करेंगे कोई भी व्यक्ति टेलीफोन या मोबाइल के माध्यम से 181 टोल फ्री नंबर पर कॉल करके अपनी समस्या का निराकरण प्राप्त कर सकता है |

 लाभ–   इस महत्वाकांक्षी योजना के कहीं लाभ है यह हेल्पलाइन जनहेतू – जनसेतु  के रूप में सेवा प्रदान करती है समस्या का पूरा निराकरण होने पर आवेदक की संतुष्टि के  पश्चात ही यहां दर्ज किया गया प्रकरण बंद किया जाएगा प्रदेश वासियों को अपनी समस्या के लिए भटकना नहीं पड़े इसी उद्देश्य से यह हेल्पलाइन चालू की गई है |

DIAL 100

लागू तिथि-   1 नवंबर 2015

 उद्देश्य–   प्रदेश में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से dial 100  को शुरू किया गया यह राज्य की 632 करोड़ की उच्चतम प्राथमिकता वाली योजना है इसमें 1000 वाहनों को सभी जिलों में भेजा जाएगा dial100  योजना स्मार्ट पुलिसिंग क्रियान्वयन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है कानून व्यवस्था को विकास की पहली जरूरत बताते हुए प्रदेश सरकार ने यह सराहनीय कार्य शुरू किया है |

 कार्यप्रणाली-    कोई भी व्यक्ति जब वह आपदा एवं विपत्ति के क्षण में पुलिस सहायता प्राप्त करना चाहता है तो उसे मोबाइल द्वारा 100 नंबर  पर कॉल करने मात्र से वह कॉल राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम में प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा रिसीव किया जाएगा उसका पूर्ण विवरण कॉल द्वारा सुनकर प्रशिक्षित स्टाफ घटना स्थल के आसपास तैनात फर्स्ट रिस्पांस वाहन को सूचित करेगा एवं उसमें तैनात पुलिस घटनास्थल के लिए रवाना हो जाएगी मौके पर पहुंचकर पुलिस अपनी कार्यवाही शुरु कर देगी |

 लाभ-    इस योजना के द्वारा 100 नंबर पर  डायल करते ही तत्काल पुलिस सहायता घटनास्थल पर उपलब्ध होगी पुलिस का फर्स्ट रिस्पांस वहां शहरी क्षेत्र में 5 मिनट तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच कर उचित कार्यवाही शुरु कर देगी इस महत्वाकांक्षी योजना से लोगों का सरकार पर पुलिस प्रशासन पर भरोसा बढ़ेगा एवं होने वाली दुर्घटना को कम किया जा सकेगा |

 पुलिस व जनता के बीच विश्वास बढ़ेगा और अपराधियों को भी संदेश जाएगा कि पुलिस  सतर्क है और तत्काल घटनास्थल पर पहुंच सकती है |