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महिला सशक्तिकरण

बेटी बचाओ, बेटी पढाओ योजना

लागु तिथि : 22 जनवरी, 2015

(पानीपत से हरियाणा)

उद्देश्य : कन्या भ्रूणहत्या पर प्रभावी रोक एवं कन्याओं को सुरक्षित करना.

विशेष तथ्य :

  • यह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और परिवार कल्याण मंत्रालय एवं मानव संसाधन विकास की संयुक्त पहल पर आधारित योजना.
  • यह योजना देश के समस्त जिलों में लागु.
  • इस अभियान की ब्रांड एम्बेसडर माधुरी दीक्षित है.

लाभ कैसे मिलेगा?

इसके तहत सुकन्या समृद्धि योजना के अनुसार बैंक में एकाउंट लड़की के नाम से खोला जाएगा.

सखी (One Stop Center Scheme)

लागु तिथि : 1 अप्रैल, 2015

उद्देश्य : शारीरिक व मानसिक यातना से पीड़ित महिलाओं को समर्थन और समस्या के निवारण हेतु सर्वसुविधा के साथ आसरा देना.

विशेष तथ्य :

  • इस योजना के तहत प्रत्येक सेंटर पर चिकित्सा, क़ानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता सेवाएँ आदि उपलब्ध होगी.
  • इस योजना को Toll Free No. से भी सम्बद्ध किया गया.
  • यह Umbrella Yojna के तहत प्रायोजित योजना है.
  • वर्तमान 462 One Stop Centre Scheme में है देश में.
  • सर्वाधिक उत्तरप्रदेश में 75. उसके बार मध्यप्रदेश 51.
  • नोडल मंत्रालय- महिला एवं बाल विकास मंत्रालय.
  • निर्भय फण्ड के माध्यम से इस योजना को पोषित किया जा रहा है.

सबला योजना

पूरा नाम : राजीव गाँधी किशोर अधिकारिता योजना.

प्रारम्भ : 19 नवम्बर, 2010

उद्देश्य :

  • 11-18 वर्ष आयू वर्ग की किशोरियों के सही मानसिक एवं शारीरिक विकास में मदद करना.
  • युवा बालिकाओं के आत्मविश्वास और सशक्तिकरण हेतु उन्हें जागरूक करना.
  • युवा और किशोरी बालाओं को प्राइमरी स्वास्थ्य उपचार, पोस्ट ऑफिस, पुलिस स्टेशन बैंक आदि के प्रति जागरूक करना.

कार्य प्रणाली : इस योजना के तहत दे गई सुविधा को दो भागों में बनता है-

  • पोषण ग्रुप – इस घटक के तहत किशोरियों की स्वास्थ्य एवं पोषण सम्बन्धी स्थिति को सुधारना है.
  • गैर पोषण ग्रुप- इस घटक के तहत उनके विकासात्मक आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित करना है.

मुख्यमंत्री कन्या प्रोत्साहन

प्रारम्भ : वर्ष 2006 से

उद्देश्य : इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति-जनजाति की कन्याओं को निरंतर शिक्षा जारी रखने हेतु प्रोत्साहित सहना एवं उनकी आर्थिक सहायता करना है.

योजना का स्वाभाव : ऐसी कन्याएँ जो कक्षा 6, 9 एवं 11 में प्रवेश लेती हैं, उनके प्रवेश लेने पर क्रमशः 500, 1000 एवं 3000 रुपये प्रतिवर्ष की दर से प्रोत्साहन राशी दी जाती है. यह राशी छात्रवृति के अतिरिक्त देय होती है.

कार्यक्षेत्र : योजना का कार्यक्षेत्र सम्पूर्ण मध्यप्रदेश है.

स्वीकृति की प्रक्रिया : शाला में अध्यन करने वाली छात्राओं को अपने आवेदन-पत्र संस्था प्रमुख को देना होता है. आवेदन-पत्र के साथ अंक सूची, टी. सी. एवं प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होता है. आयकर डाटा को पात्रता नहीं है.

संपर्क : जिला संयोजन/सहायक आयुक्त, आदिम जाति कल्याण विभाग, मंडल संयोजन एवं सम्बंधित शाला के प्राचार्य/प्रधान पाठक.

महिला बाल विकास एवं लाडली लक्ष्मी योजना

राज्य शासन द्वारा बालिकाओं के शैक्षणिक स्तर तथा उनके अच्छे भविष्य की आधारशिला रखने के उद्देश्य से लाडली लक्ष्मी योजना प्रारम्भ की जा चकी है.

प्रारम्भ : अप्रैल 2007

योजना का स्वरूप एवं कार्यक्षेत्र- यह योजना 1.1.06 के पश्चात् जन्म लेने वाली बालिकाओं के लिए है. जिसके माता-पिता ने दो जीवित बच्चों के रहते हुए परिवार नियोजन अपना लिया हो तथा जो आंगनवाड़ी केन्द्रों में पंजीकृत हो और आयकरदाता न हो.

योजना का लाभ : इस योजना के तहत बालिका के पक्ष में प्रतिवर्ष 6000 रुपए लगातार पांच वर्षों तक कुल 30000 रुपए के NSC क्रय किये जायेंगे. कक्षा छटवीं में प्रवेश पर दो हजार रुपए, कक्षा नौवीं में प्रवेश पर चार हजार रुपए, कक्षा ग्यारहवीं में प्रवेश पर सात हजार पांच सौ रुपए तथा ग्यारहवी एवं बारहवीं में पढाई के समय दो वर्ष तक दो सौ रुपए प्रतिमाह दिये जाएँगे. बालिका के 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर एवं 18 वर्ष के पूर्व विवाह न करने पर तथा 12वीं कक्षा की परीक्षा में सम्मिलित होने पर एकमुश्त राशि का भुगतान किया जाएगा. इस प्रकार भुगतान की गई राशि एक लाख रुपए से अधिक की होगी.

संपर्क- निकट की आँगनवाड़ी या जिला महिला बाल विकास कार्यालय से संपर्क करें.

इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2015 के अंत तक 20 लाख से अधिक बेटियों को लाभ मिल चूका है.