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रोजगार

मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना

शुभारंभ- 11 मई 2017

 उद्देश्य–  प्रदेश के युवाओं को प्रशिक्षण देना |

 कार्यप्रणाली-  इस योजना में प्रति वर्ष प्रदेश के 2 लाख 50000 युवाओं को स्वरोजगार हेतु कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा |

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना

 शुभारंभ–  1 अगस्त 2014

 उद्देश्य–  राज्य के युवा बेरोजगार को स्वरोजगार एवं उद्यमिता हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना |

 क्रियान्वयन–  ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा तथा शहरी क्षेत्रों में वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग के माध्यम से किया जाएगा |

 प्रावधान–  इस योजनाओ के माध्यम से युवाओं को  स्वयं के उद्योग/ व्यवसाय शुरू करने मैं सहायता होगी और   सूस्म और लघु उद्योगों विस्थापित को स्थापित करने के लिए बैंक से बिना गारंटी के  रुपए उपलब्ध कराने का प्रावधान है |

इस योजना के तहत राज्य सरकार से मार्जिन मनी सहायता, सब्सिडी  ऋण गारंटी तथा लाभार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा |

 पात्रता-   राज्य का स्थाई निवासी हो और कम से कम पांचवी कक्षा उत्तीर्ण हो |

 आवेदक राष्ट्रीय या निजी क्षेत्र के बैंकों द्वारा डिफॉल्टर घोषित नहीं किया  किया गया हो |

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना

शुभारंभ–   वर्ष 2016- 17 

 उद्देश्य–    समाज के अनुसूचित जाति वर्ग के लिए स्वयं का उद्योग ( विनिर्माण/ सेवा उधम  स्थापित करने हेतु बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराना है |

 प्रावधान–  इस योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को मार्जिन मनी सहायता ब्याज अनुदान ऋण गारंटी एवं प्रशिक्षण का लाभ शासन द्वारा दिया जाएगा |

 क्रियान्वयन–  आयुक्त अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अनुसूचित जाति  वित्तीय एवं विकास निगम मर्यादित भोपाल द्वारा जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समितियों के माध्यम से योजना को क्रियान्वित किया जाएगा |

  वित्तीय सहायता-   इस योजना के अंतर्गत परियोजना लागत न्यूनतम 10 लाख रुपए से अधिकतम एक करोड़ होगी |

 इस योजना के अंतर्गत परियोजना लागत पर मार्जिन मनी साहिता 15% देय  होगी |

 आवेदक पात्रता-  मध्य प्रदेश का मूल निवासी हो, न्यूनतम दसवीं कक्षा उत्तरीण हो  एवं आयु 40 वर्ष के मध्य हो |

उस्ताद (UUSTAD) योजना -( upgrading the skills and training in traditional anti-crafts for developments)

शुभारंभ–  14 मई 2015 ( वाराणसी में) 

 उद्देश्य–  कौशल उन्नयन एवं प्रशिक्षण द्वारा पारंपरिक कला एवं हस्तशिल्प का विकास करना है |

 विशेष–  इस योजना को अल्पसंख्यकों की पारंपरिक कलाशिल्प की समृद्ध विकास के संरक्षण और परंपरागत कारीगरों की क्षमता निर्माण हेतु शुरू किया गया है|

स्टार्ट-अप इंडिया

16 जनवरी 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नया उधम  शुरू करने वाला स्टार्टअप कारोबारियों के लिए पूंजीगत लाभ पर कर छूट 3 वर्ष के लिए स्टार्टअप कर से छूट इंस्पेक्टर राज मुक्त परिवेश और वित्त पोषण के लिए 10,000 करोड़ का कोष स्थापित करने सहित कई तरह के प्रोत्साहन ओ वाली स्टार्ट-अप इंडिया (start- up india ) कार्य योजना की शुरुआत की इसके अलावा 9 श्रम और पर्यावरण कानूनों के अनुपालन के लिए प्रमाण- योजना की भी घोषणा की थी नई पीढ़ी के उत्साही तथा जोखिम उड़ाने में सक्षम उद्यमियों को भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान निभाने हेतु सकारात्मक पहल ” स्टार्ट-अप इंडिया”  की शुरुआत 26 जनवरी 2016 को की गई इससे संबंधित तथ्य निम्नलिखित है |

 स्टार्ट-अप का अर्थ एवं परिभाषा  = स्टार्ट- अब से तात्पर्य ऐसी इकाई से है |

  1. जो भारत में 5 वर्ष से पूर्व स्थापित ना हुई हो |
  2. जिसका कारोबार किसी पूर्व वित्तीय वर्ष में ₹25 करोड़ से अधिक ना  रहा हो |
  3. जो प्रौद्योगिकी एवं बौद्धिक संपदा से संचालित नए उत्पादों, विकास,  प्रक्रियाओं अथवा सेवाओं के अभी- नवीकरण के और कार्य कर रही हो 

 किंतु ऐसे इकाई की स्थापना किसी  विद्यमान व्यवसाय इकाई को तोड़कर या पुनर्निर्माण करके ना की गई हो|

 स्टार्ट- आप इकाई की आवश्यक शर्तें-   स्टार्ट-अप इकाई वही मानी जाएगी 

  1. जिसकी स्थापना कंपनी अधिनियम 2013 के तहत प्राइवेट लिमिटेड कंपनी या 
  2. इंडियन पार्टनरशिप अधिनियम 1932 के तहत एक पंजीकृत साझेदारी फर्म या
  3. द लिमिटेड  लायबिलिटी पार्टनरशिप अधिनियम  2008 के तहत लिमिटेड लायबिलिटी साझेदारी इकाई के रूप में हुई हो |

 स्टार्टअप इकाई की परिभाषा के अंतर्गत विकास व्यवसायीकरण की और लक्षित निम्नलिखित व्यवसाय   आच्छादित होंगे –

1  कोई नवीन उत्पाद या सेवा यह प्रक्रिया |

2  किसी विधान उत्पाद या सेवा या प्रक्रिया का ऐसा उन्नत स्वरूप, जो ग्राहकों या कार्य प्रवाह के लिए नवीन मूल्य सृजित करें या जोड़ें |

स्टार्ट- अप कार्य योजना-    इस पहल के माध्यम से सरकार अभिनविकरण, अभिकल्पना, वृहत पैमाने पर रोजगार के नए अवसर सर्जन द्वारा समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए स्टार्टअप इकाइयों को सशक्त बनाना चाहती है अतः स्टार्टअप कार्य योजना निम्नलिखित क्षेत्रों में विभाजित है

  1. सरलीकरण एवं हैंडहोल्डिंग \
  2. सहायता एवं प्रोत्साहनो का वित्तीयन |
  3. उद्योग- विद्यानो  के मध्य सहभागिता एवं इनक्यूवेशन |

 स्टार्ट– अप कार्य योजना के अंतर्गत प्रस्तावित योजनाएं-

  1. चालान पर आधारित स्व प्रमाणन| 
  2. स्टार्ट- अप इंडिया केंद्र|
  3. मोबाइल एप एवं पोर्टल की शुरुआत|
  4. कम लागत पर त्वरित पेटेंट परीक्षण एवं विधिक सहायता |
  5. सरकारी खरीद के मामले में स्टार्ट- अप इकाइयों के लिए उदारीकृत व्यवस्था |
  6. त्वरित निकासी की सुविधा |
  7. वित्तीय सहायता एवं प्रोत्साहन |
  8. क्रेडिट गारंटी निधि |
  9. पूंजी लाभ पर कर छूट |
  10. उचित बाजार मूल्य के लिए स्टार्ट- अब इकाइयों को कर में छूट |
  11. 3 वर्ष की अवधि के लिए स्टार्टअप इकाइयों को  कर मैं छूट |

 उपर्युक्त योजना, लक्ष्य, प्रक्रिया आदि सरकार की सकारात्मक सराहनीय पहल को इंगित करती है |

 जिसके माध्यम से छोटे उद्यमियों को प्रतिस्पर्धा के काबिल बनाया जाएगा |

 मुख्य बिंदु- 

  1. स्टार्ट- अप के लिए  सेल्फ सर्टिस्फेक्शन होगा |  3 साल तक किसी भी स्टार्टअप के लिए इनपेक्शंस हेतु कोई अधिकारी नहीं आएगा |
  2. स्व:  प्रमआम  की अव्यवस्था कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, भुगतान, ठेका, कर्मचारी भविष्य निधि कोष, पानी और वायु प्रदूषण के मामले में उपलब्ध होगी |
  3. स्टार्टअप इंडिया अब  बनाएं जाएंगे इस हफ्ते जिम्मेदारी मिशन को आर्थिक मदद व ज्ञान आदान-प्रदान कार्यक्रम को बढ़ावा देने की होगी |
  4. स्टार्टअप हेतु एप्लीकेशन और वेब पोर्टल शुरू किया जाएगा एक साधारण फॉर्म होगा, जिससे रजिस्ट्रेशन कराना आसान होगा |
  5. स्टार्टअप के लिए एग्जिट प्लान की स्थापना की जाएगी जिसके तहत 90 दिन की अवधि में ही स्टार्ट आप अपना कारोबार बंद कर सकेंगे |
  6. स्टार्टअप उद्योगों को सरकारी ठेकों के अनुभव और कारोबार सीमा के मामले में छूट दी जाएगी |
  7. देश में नवप्रवर्तन सोच के साथ आने वाले तकनीकी आधारित इन नए उद्यमों के लिए एक उदार पेटेंट व्यवस्था लाई जाएगी |
  8.   पेटेंट पंजीकरण में इन उद्यमों को पंजीकरण शुल्क में 80% की छूट दी जाएगी |
  9. स्टार्ट- अब कारोबारियों द्वारा कमाए जाने वाले लाभ पर व्यवसाय शुरू होने से पहले 3 साल तक आयकर से छूट होगी |
  10. ऐसे उद्यमों में वित्त पोषण को बढ़ावा देने के लिए उद्यमियों द्वारा किए गए निवेश के बाद अपनी संपत्ति बेचने पर 20 प्रतिशत की दर से लगने वाले पूंजीगत लाभ कर से भी छूट |
  11. इनक्यूबेशन को बढ़ावा दिया जाएगा और इन्हें मजबूत किया जाएगा |
  12. नवाचार को बढ़ावा देने हेतु अटल इनोवेशन मिशन की शुरुआत की जाएगी, जिसका उद्देश्य प्रतिभा को बढ़ावा देना होगा इसके जरिए नए उद्यमियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा |
  13. इनक्यूबेशन ग्रेट चैनल, जिसमें सरकार 10 ऐसे इनक्यूबेशन की पहचान करेगी जिसमें विश्व स्तरीय बनने की क्षमता है |

14  सरकारी खरीद के नियम में ढील दिए जाने से स्टार्ट आपको भी दूसरे अनुभवी उद्यमियों और कंपनियों के बराबर का मंच उपलब्ध हो जाएगा |

  1. स्टार्ट- अप  हेतु बनाए गए ऋण गारंटी कोष से बैंकिंग प्रणाली से भी स्टार्टअप के लिए उधम ऋण का प्रवाह होगा |
  2. इसको से जोखिम के बदले 11 की उपलब्धि हो सकेगी |
  3. छात्रों के लिए इनोवेशन के कोर्स शुरू किए जाएंगे और 5  लाख स्कूलों 10 लाख बच्चों पर फोकस कर इसे बढ़ावा दिया जाएगा |
  4. बायो तकनीक को बढ़ावा देने की जरूरत के चलते 7 नए शोध केंद्र शुरू किए जाएंगे जिनके लिए सरकार 100 करोड़ देगी |
  5. पीपीपी मॉडल के तहत 359 इनक्यूबेटर पर विचार किया जा रहा है जिनमें 31 केंद्र राष्ट्रीय संस्थानों में बनेंगे |
  6. बायो तकनीक क्षेत्र की मदद के लिए 5 नए बायोटेक क्लस्टर और 50 बायो इनक्यूबेटर, 150 हस्तांतरण अधिकारियों तथा 20  बायो – कनेक्ट अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी |
  7. देशभर के आई आई टी, आई आई एम, सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों और एनआईटी को सीधे संपर्क के द्वारा इस कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा |
  8. नैसकॉमनवोन्मेव  की रिपोर्ट 2015 के अनुसार भारत स्टार्टअप के मामले में अमेरिका और ब्रिटेन के बाद दुनिया  मैं तीसरा स्थान होगा |

 स्टार्टअप इंडिया का उद्देश्य देश में नवोन्मेव बढ़ावा देना नियुक्त वातावरण बनाना है ताकि आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा दिया जा सके और देश में बड़े पैमाने पर रोजगार अवसर उपलब्ध कराया जा सके |

स्किल इंडिया अभियान

यह अभियान 15 जुलाई 2015 ( विश्व युवा कौशल दिवस ) से प्रारंभ किया गया |  इसके लिए प्रधानमंत्री ने नेशनल डेवलपमेंट मिशन डॉक्यूमेंट जारी किया है |इसका उद्देश्य 2022 तक 40.02 करोड़ लोगों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है |  इसके लिए राष्ट्रीय कौशल विकास तथा उद्यमिता नीति 2015 लागू की गई और ‘’कौशल भारत कुशल भारत का नारा दिया गया’’ प्रशिक्षण के उपरांत स्वरोजगार हेतु सरकार द्वारा देश के 34 लाख व्यक्तियों को 5000 से 1.5  लाख रुपए कौशल ऋण भी प्रदान किया गया \

प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी योजना,जिसका मुख्य लक्ष्य देश में कुशल कर्मकार पैदा करना है |  ताकि खेत- खलीहान की इंजीनियरिंग से लेकर उद्योगों और बाजारों को आवश्यकता के अनुरूप दक्ष लोग मिल सके|

 अभियान के प्रमुख बिंदु –  

  1. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 24 लाख युवाओं को अगले, वर्ष में प्रशिक्षण देने का लक्ष्य |
  2. अभियान के अंतर्गत 1500 करोड़ रुपए हुए होंगे |
  3. रक्षा, इस्पात, रसायन एवं उर्वरक, रेलवे, स्वास्थ्य, खनन सहित कई मंत्रालयों से सहमति |
  4. मॉडल स्कील लोन स्कीम नेशनल स्किल मिशन, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और स्किल  काट के द्वारा युवाओं का सहयोग |
  5. ऑटोमोबाइल, स्वचालित पुर्जे,  इलेक्ट्रिक हार्डवेयर, कपड़ा, चमड़ा रसायन, फार्मेसी सहित अन्य क्षेत्र में कुशल बनाना |

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना

8 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में ”प्रधानमंत्री मुद्रा योजना”  के तहत सुषमा इकाई विकास एवं पुनवीर्त एजेंसी लिमिटेड (Micro units devlopment refinance agenal –

MUDRA) मुद्रा बैंक की शुरुआत की | उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2015- 16 के बजट में 20,000 करोड़ की राशि तथा 3000 करोड़  की ऋण गारंटी राशि के साथ एक शिशु में इकाई विकास पुनरवित एजेंसी ( मुद्रा बैंक) के सृजन का प्रस्ताव रखा |

 मुद्रा का गठन एक कानून बनाकर किया जाएगा क्योंकि इसे अधिनियमित करने में थोड़ा समय लग सकता है इसलिए ऐसा प्रस्ताव है कि मुद्रा की शुरुआत सिडबी की एक इकाई के रूप में की जाए जिससे की सीडी की पहला तथा  विशेषज्ञता का लाभ मिल सके | यह उन सभी सूक्ष्म वित्त संस्थानों के जरिए विकास एवं 

  पुनरवित  के लिए जवाबदेह होगा जो  विनिर्माण व्यापार एवं सेवा गतिविधियों से जुड़े शुक्ष्म / लघु व्यवसाय, इकाइयों को  ऋण देने के व्यवस्था में है यह माइक्रोफाइनेंस संस्थाओं छोटे उद्योगों के लिए एक नियामक के रूप में कार्य करेगा |

उद्देश्य–  

  1. चोटी का यो को कम लागत पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना |
  2. रोजगार को बढ़ावा देना |
  3. सेल्फ एंप्लॉयमेंट को बढ़ावा देना |
  4. सस्ती दरों पर आसानी से लोन की उपलब्धता |
  5. फाइनेंस इंस्टिट्यूशन को बढ़ावा देना |