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शिक्षा

समग्र शिक्षा

समग्र शिक्षा

Vision – सबको शिक्षा, अच्छी शिक्षा

परिचय-

1.  स्कूली शिक्षा के लिए एक एकीकृत योजना

2.  यह प्री- नर्सरी से 12वीं कक्षा तक स्कूली शिक्षा  क्षेत्र के लिए महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है |

3. योजना में स्कूल की परिकल्पना निरंतरता के रूप में की गई है |

4. योजना का मुख्य जोर दो ”T” Teacher और ‘T’ Technology पर ध्यान केंद्रित कर स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है |

5. योजना में सर्वशिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और Teacher Education (TE)  को समाहित किया है |

6. नोडल मंत्रालय-  मानव संसाधन विकास मंत्रालय

उद्देश्य-
सतत विकास लक्ष्यों (SDG)  के अनुरूप प्री- नर्सरी से लेकर माध्यमिक स्तर तक सबके लिए समान रूप से समावेशी और गुणवत्ता युक्त शिक्षा सुनिश्चित कराना |
शिक्षा के सभी स्तर पर समानता और समग्रता सुनिश्चित करना |
शिक्षा के साथ व्यवसायीकरण प्रशिक्षण को बढ़ावा देना |
निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के लिए बने शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2019 के क्रियान्वयन में राज्यों की मदद करना |
शिक्षकों के क्षमता विकास को बढ़ाना |
शिक्षक प्रशिक्षण गुणवत्ता सुधार के लिए SCERT (state council of educational research and traning )और DIET ( district institute of educational and training)  को सशक्त बनाना |
शिक्षा में स्मार्ट क्लास और डिजिटल बोर्ड जैसी प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को बढ़ावा देना |
अन्य-
4 से 8 वर्ष तक के सभी बच्चे शामिल हैं योजना में |
या एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसमें राज्य स्तर पर State implomentation society (SIS)

द्वारा लागू किया जाएगा |

योजना हेतु फंड केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा 60 :  40 के अनुपात में उपलब्ध कराया जाएगा |
8 उत्तर पूर्वी राज्यों और तीन हिमालयी राज्यों के लिए यह अनुपात 90 : 10 है |
बिना विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेशों के लिए सौ परसेंट फाइंड केंद्र द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा |

श्रेयस योजना

श्रेयस योजना: 

प्रारंभ-   27 फरवरी 2019 से

परिचय-

1. श्रेयस  : स्कीम फॉर हायर एजुकेशन यूथ इन अप्रेंटिसशिप एंड स्किल्स 

(Education youth in apprenticeship and sheryas )

 उद्देश्य- 

  1. उच्च शिक्षा व्यवस्था में रोजगारपरक कौशल विकास को  बढ़ावा देना |
  2. स्थायी रूप से शिक्षा और उद्योग/ सेवा क्षेत्रों के बीच कार्यात्मक लिंग स्थापित करना |
  3. छात्रों को समय की मांग के मुताबिक गतिशील तरीके से कौशल प्रदान करना ?
  4. उच्च शिक्षा के दौरान सीखने के साथ आय  अर्जन सुनिश्चित कराना |
  5. अच्छी गुणवत्ता वाली जनशक्ति सुनिश्चित करके व्यापार/ उद्योग क्षेत्र में सहयोग करना |
  6. सरकार के प्रयासों को सुविधाजनक बनाने के साथ ही छात्र समुदाय को रोजगार से जोड़ना |

 प्रमुख बिंदु –

  1.   प्राथमिक योजना का संचालन राष्ट्रीय शिशुता  संवर्धन योजना (NNAPS : National Apprenticeship Promotional Scheme ) के साथ किया जाएगा  |

          जो प्रत्येक व्यवसाय उद्योग में कुल कार्यबल के 10% तक प्रशिक्षुओं को रखने का प्रावधान करता है को

  1. युवाओं में कौशल विकास के जरिए उन्हें काबिल बनाने के लिए हुई है श्रेयस  पोर्टल की लॉन्चिंग |
  2.   2022 तक  5000000 छात्रों को कवर करने का लक्ष्य |
  3. मुख्य रूप से गैर तकनीकी पाठ्यक्रमों जैसे- बी॰ए , बी ॰कॉम,  बी॰एस॰पी, और जनरल डिग्री के स्तानको के लिए है या योजना
  4. या योजना सेक्टर कौशल परिषदों ( एसएससी)  द्वारा शुरुआत में बैंकिंग कौशल बीमा सेवा ( बी एफ एस आई)   खूदरा स्वास्थ्य देखभाल ,दूरसंचार, लॉजिस्टिक, मीडिया, प्रबंधन सेवाओं, आईटी और अपैरल (APPAREL )  क्षेत्र में की जाएगी कार्यान्वित |
  5. श्रेयस  स्कीम का कार्यान्वयन 3  ट्रैक में होगा |

–   ट्रैक 1 =   एड -ऑन अप्रेंटिसशिप ( डिग्री अप्रेंटिसशिप)

–    ट्रैक 2 = एंवेडेक अप्रेंटिसशिप

–    ट्रैक 3=   कॉलेजों के साथ राष्ट्रीय  करियर सेवा को जोड़ना 

  1. देश के सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेज, आईटीआई, और पॉलिटेक्निक के छात्रों को करना होगा श्रेयस पोर्टल में रजिस्ट्रेशन |
  2. पोर्टल के जरिए शिक्षण संस्थान और उद्योग दोनों ही प्रशिक्षण के लिए अपनी जरूरतों और उपलब्धता   की जानकारी दे सकते हैं |
  3. आवश्यकता के अनुसार 6 महीने से 10 महीने तक की अवधि का प्रशिक्षण किया जाएगा |
  4. योजना के तहत 3 मंत्रालयों के पहले शामिल होगी|

–     मानव संसाधन विकास मंत्रालय

–     कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय

–     श्रम एवं रोजगार मंत्रालय

 

  1. Stipend  का 25% या अधिकतम 1500 रुपए प्रतिमाह NAPS  के तहत मुहैया कराएगी सरकार|
  2. संबंधित क्षेत्र कौशल परिषद(  एसएससी) द्वारा अप्रेंटिसशिप अवधि के आखरी में एक परीक्षा आयोजित की जाएगी |
  3. परीक्षा में सफल छात्रों को उनके डिग्री प्रमाण पत्र के अलावा कौशल प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा |

महत्व-

  1. बेरोजगारी की समस्या का समाधान |
  2. शिक्षा, उद्योग और  सेवा क्षेत्र के बीच एक लिंक स्थापित हो सकेगा |
  3. औद्योगिक क्षेत्र में कौशल विकास को बढ़ावा |
  4. युवाओं को देश की प्रगति में योगदान करने में सहायक |
  5. देश में कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा |

साक्षर भारत अभियान

साक्षर  भारत अभियान-

 शुभारंभ-  सितंबर 2009

उद्देश्य-

  1. राष्ट्रीय साक्षरता मिशन को पुनर्संरचित करके इसमें 7 करोड़ प्रोढ़ ( जिसमें छह करोड़ स्त्रियां होगी)  को साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है |
  2. इसका प्रकारांतर लक्ष्य वयस्क महिलाओं पर बल देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर 80% साक्षरता के स्तर को प्राप्त करना है |
  3. इसका लक्ष्य पुरुष एवं महिला साक्षरता के बीच के अंतराल को 10% से भी कम करना है |
  4. यह योजना पूर्ण शिक्षित समाज के लक्ष्य की प्राप्ति के संबंध में  प्रेरणाओ मुहैया कराने के संबंध में है इसमें महिला साक्षरता मुख्य बिंदु में हैं वैसे इस अभियान में 15 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को साक्षरता हेतु कवर किया जाएगा |
  1. इस योजना के चार व्यापक उद्देश्य हैं-

(1)॰  निरक्षरों  को कार्यकारी साक्षर बनाना एवं अंकों का ज्ञान सीखाना |

(2)॰  औपचारिक शिक्षा प्रणाली में समानता प्राप्त करना |

(3)॰  प्रसांगिक कौशल विकास कार्यक्रम |

(4)॰  शिक्षा की निरंतरता का अवसर प्रदान कर ज्ञान समाज का संवर्धन |

 

शिक्षा गारंटी योजना

शुभारंभ– 1997

उद्देश्य-

  1. प्राथमिक शिक्षा का लोक व्यापीकरण करना |
  2. एक किलोमीटर के दायरे में बालक- बालिकाओं को प्राथमिक शिक्षा सुलभ कराना है |
  3. 95% बालक बालिकाओं को यह शिक्षा मुहैया करा दी है |
  4. शिक्षा योजना को कॉमनवेल्थ  पुरस्कार 1998 में मिल चुका है |
  5. राजीव गांधी शिक्षा मिशन द्वारा संचालित इस योजना के हितग्राहियों की उम्र 6 से 12 वर्ष है |
  6. भारत के राज्य 26527 स्कूल शिक्षा गारंटी योजना अंतर्गत संचालित है |

प्रतिभा किरण योजना

 प्रारंभ- वर्ष 2007 से

 उद्देश्य

गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाली शहर की मेघावी छात्राओं को शिक्षा का स्तर बढ़ाने हेतु प्रोत्साहन स्वरूप आर्थिक सहायता प्रदान करना |

योजना का स्वरूप और कार्यक्षेत्र-

गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाली ऐसी छात्राओं को योजना का लाभ मिलेगा जिन्होंने शहर की पाठशाला से 12 वीं कक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की हो छात्रा ने जिस सत्र में कक्षा 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की हो उसी सत्र में उच्च शिक्षा के लिए प्रवेश लेना जरूरी है |

योजना क्रियान्वयन की प्रक्रिया-

इस योजना में चयनित छात्रा को परंपरागत उपाधि  पाठ्यक्रम हेतु 300 रुपए प्रति माह ( 10 माह तक) तथा तकनीकी एवं चिकित्सा शिक्षा पाठ्यक्रम हेतु 750 रुपए प्रतिमाह ( 10 माह तक) दिए  जाएंगे \

संपर्क- प्राचार्य महाविद्यालय

गांव की बेटी योजना

प्रारंभ – वर्ष 2005 में

 उद्देश्य-

ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभावना  बालिकाओं की शिक्षा का स्तर बढ़ाने उच्च शिक्षा की ओर प्रोत्साहित करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना |

योजना का स्वरूप और कार्यक्षेत्र-

मध्य प्रदेश प्रत्येक गांव से प्रतिवर्ष 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण समस्त बालिकाओं का चयन किया जाएगा  चायनित बालिकाओं में से जिसने उच्च शिक्षा ग्रहण करने हेतु उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, या चिकित्सा विभाग द्वारा संचालित पाठ्यक्रम में प्रवेश किया हो| योजना शासकीय शैक्षणिक संस्थाओं, अनुदान प्राप्त शासकीय शैक्षणिक संस्थाओं जिनकी फीस  शासकीय शैक्षणिक संस्थाओं के हो एवं गांव की मेघावी छात्राएं जो शासकीय शैक्षणिक संस्थाओं में अध्ययनरत हो | इस योजना के अंतर्गत पात्र होगी | नवोदय विद्यालय से 12वीं कक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण इन छात्राओं को भी योजना का लाभ मिलेगा |

योजना क्रियान्वयन प्रक्रिया=   छात्राओं को प्रतिमाह 500 रुपए की दर से शैक्षणिक सत्र के लिए 5000 रुपए सालाना की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी|

संपर्क-  संबंधित महाविद्यालय के प्राचार्य |