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हड़प्पा से पूर्व

१- ‘हिन्दू पालिटी’ के प्रसिद्घ लेखक थे-
उत्तर- के. पी. जायसवाल

२- भारतीय इतिहास को साम्प्रदायिक आधार पर हिंदू काल, मुस्लिम काल एवं आधुनिक काल में विभाजित करने का कार्य किया-
उत्तर- जेम्स मिल

३- १९०४ में लिखित पुस्तक ‘अर्ली हिस्ट्री ऑफ इंडिया’ का लेखक था-
उत्तर- वी. ए. स्मिथ

४- किस प्रसिद्घ विदेशी राजदूत ने उन १५३ राजओं की सूची के अस्तित्व में होने की पुष्टि की है, जो तब तक बीते ६०५३ वर्षों में हुए थे-
उत्तर- मेगस्थनीज

५- प्राचीन भारत की प्रथम वास्तविक ऐतिहासिक पुस्तक मानी जाती है-
उत्तर- राजतरंगिणी

६- किस पुस्तक की तुलना मैकियावेली के प्रसिद्घ ग्रंथ ‘द प्रिंस से की जाती है-
उत्तर- अर्थशास्त्र

७- प्राचनी भारत का सबसे पहला सुनियोजित इतिहास तैयार किया-
उत्तर- वी. ए. स्मिथ

८- प्रसिद्घ पुस्तक ‘पॉलिटिकल हिस्ट्री ऑफ एंशियण्ट इंडिया’ में महाभारत के युद्घ के समय से लेकर गुप्त साम्राज्य के समय तक का वर्णन है। इसका लेखक था-
उत्तर- एच. सी. रायचौधरी

९- ‘ए हिस्ट्री ऑफ एंशियण्ट इंडिया’ और ‘ए हिस्ट्री ऑफ साउथ इंडिया’ जैसी पुस्तकों के लेखक थे-
उत्तर- के. ए. नीलकण्ठ शास्त्री

१०- ‘हिंदू सिविलाइजेशन’, ‘चन्द्रगुप्त मौर्य’, ‘अशोक’ और ‘फण्डामेंटल यूनिटी ऑफ इण्डिया’ के लेखक थे-
उत्तर- आर. के. मुखर्जी

११- ‘हिस्ट्री ऑफ धर्मशास्त्र’ नामक महान कृति जो सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक नियमों, कानूनों और प्रथाओं का एक विश्वकोष है, के लेखक हैं-
उत्तर- पी. वी. काणे

१२- माक्र्सवादी विचारों के अग्रदूत माने जाते हैं-
उत्तर- डी. डी. कौशाम्बी

१३- ‘हेरोडोटस’ जिसे इतिहास का पिता माना जाता है, की पुस्तक का नाम था-
उत्तर- डिस्टोरिका

१४- उत्कीर्ण लेखों के अध्ययन को कहा जाता है-
उत्तर- एपीग्राफी (अभिलेख शास्त्र)

१५- प्राचीन भारतीय इतिहास के अध्ययन के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण स्रोत है-
उत्तर- अभिलेख

१६- शिलालेख जो कि समकालीन दस्तावेज होता है-
उत्तर- बाद में परिवर्तन नहीं हो सकते हैं।

१७- सिंधु द्वारा सिंचित प्रदेश को ‘इंडिया नाम सबसे पहले दिया गया-
उत्तर- हखामनी ईरानियों द्वारा

१८- चीनियों ने भारत के लिए शब्द प्रयोग किया-
उत्तर- इन-तू

१९- ‘इंडोस या ‘इंडिया शब्द भारत के लिए प्रयोग किया गया-
उत्तर- यूनानियों द्वारा

२०- ‘हिन्दू शब्द भारत के लिए सर्वप्रथम प्रयोग किया-
उत्तर- फारस वालों ने

२१- ‘इण्डस शब्द उद्भूत है-
उत्तर- लैटिन

२२- ‘इण्डोस शब्द है-
उत्तर- यूनानी और लैटिन दोनों

२३- पौराणिक मान्यता के अनुसार भारत के प्राचीनतम राजा थे-
उत्तर- मनु वैवश्वत

२४- ”इतिहास विज्ञान है, न कम न ज्यादा” कथन है-
उत्तर- ब्यूरी

२५- प्रागैतिहास का अर्थ है-
उत्तर- वह इतिहास जिसको पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पर लिखा गया हो।

२६- मानव को आग की जानकारी हुई-
उत्तर- निम्न पुरापाषाण काल में

२७- ‘पेबुल उपकरण’ सम्बंधित हैं-
उत्तर- निम्न पुरापाषाण काल से

२८- सोहन घाटी का सम्बन्ध है-
उत्तर- निम्न पुरा पाषाण युगीन स्थलों से

२९- बेलन घाटी से प्राप्त औजार सम्बंधित है-
उत्तर- निम्न पुरा पाषाण काल से

३०- मानव की आखेटक और खाद्य-संग्राहक की अवस्था जुड़ी हुई है-

उत्तर- पुरा पाषाण काल से

३१- शल्कों से बने औजार सम्बंधित है-
उत्तर- मध्य पुरा पाषाण काल से

३२- भीमबेतका का सम्बंध है-
उत्तर- एक प्रागैतिहासिक स्थल जहाँ से चित्रकला के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।

३३- पशुपालन सम्बंधित है-
उत्तर- मध्य पाषाण काल से

३४- भारत के दो सबसे पुराने ज्ञात मध्यपाषाण कालीन स्थल हैं-
उत्तर- सरायनाहर राय और महदहा

३५- प्रारंभिक स्तम्भ गर्त पाए गए हैं-
उत्तर- सरायनाहर राय और महदहा से

३६- मानव द्वारा पाला गया पहला ‘पुश’ था-
उत्तर- कुत्ता

३७- मानव द्वारा प्रयोग की गई पहली धातु थी-
उत्तर- ताँबा

३८- मानव द्वारा उपयोग में लायी गई पहली फसल थी-
उत्तर- गेहूँ

३९- कृषि का प्रथम उदाहरण कहाँ से प्राप्त हुआ है-
उत्तर- मेहरगढ़ से (नव पाषाणकाल में)

४०- कोल्डिहवा का सम्बंध है-
उत्तर- चावल के प्राचीनतम साक्ष्य से

४१- बुर्जाहोम सम्बंधित है-
उत्तर- नव पाषाण कालीन स्थल से

४२- पूर्वी भारत का प्रमुख नवपाषाण कालीन स्थल है-
उत्तर- चिरोंद

४३- कुम्भकारी प्रारंभ हुई-
उत्तर- नव पाषाण काल से

४४- ताम्बवती के नाम से प्रसिद्घ हैं-
उत्तर- अहार संस्कृति

४५- हड़प्पा की कनिष्ठ कालीन संस्कृति है-
उत्तर- कयथा संस्कृति

४६- इनामगाँव ताम्रपाषाण युग की एक बड़ी बस्ती थी। इसका सम्बन्ध है-
उत्तर- जोर्वे संस्कृति से

४७- ताम्र पाषाण संस्कृतियों में किस संस्कृति के पत्थर के औजार नहीं प्राप्त हुए हैं-
उत्तर- अहार संस्कृति

४८- दैमाबाद का संबंध है-
उत्तर- ताम्र पाषाण कालीन स्थल से

४९- बड़ी संख्या में दकनाए गए बच्चों के शवाधान प्राप्त होते हैं-
उत्तर- जोर्वे संस्कृति से

५०- गिलुन्ड स्थल का संबंध है-
उत्तर- अहार संस्कृति से

५१- ताम्र पाषाण मृदभांडों में उत्कृष्टतम मृदभांड है-
उत्तर- मालवा मृदभांड

५२- आंध्र प्रदेश का उतनूर सम्बंधित है-
उत्तर- नव पाषाण कालीन संस्कृति से

५३- हल्लुर, पिकलीहल, संगनकल्लु, टी. नरसीपुर तथा पैयमपल्ली का संबंध है-
उत्तर- नव पाषाण संस्कृति से

५४- माइक्रोलिथिक औजार सम्बंधित है-
उत्तर- मध्य पाषाण काल से

५५- राजस्थान का बागौर और मध्य प्रदेश का आदमगढ़ सम्बंधित है-
उत्तर- मध्य पाषाण काल से

५६- सबसे कम अवस्था थी-
उत्तर- मध्य पाषाण काल की

५७- आधुनिक मानव होमोसेपियन्स का प्रादुर्भाव हुआ-
उत्तर- उच्च पुरा पाषाण काल में

५८- क्वार्टजाइट पत्थरों के स्थान पर जैस्पर, चर्ट आदि के पत्थर सर्वप्रथम प्रयुक्त हुए-
उत्तर- मध्य पुरा पाषाण काल में

५९- अग्नि का उपयोग करना मानव ने सर्वप्रथम सीखा-
उत्तर- नव पाषाण काल में

६०- हस्त-कुठार, विदारिणी और खण्डक (गँड़ासा) उपकरण प्रयुक्त होते थे-
उत्तर- पुरा पाषाण काल में

६१- अहार संस्कृति का प्रमुख क्षेत्र हैं-
उत्तर- दक्षिण-पूर्वी राजस्थान की बनास घाटी

६२- नर्मदा घाटी में विकसित हुई संस्कृति थी-
उत्तर- मालवा संस्कृति

६३- एरण, नगदा और नवदाटोली का संबंध है-
उत्तर- मालवा संस्कृति से

६४- भारत में दो संस्कृतियाँ एक साथ पायी गई हैं-
उत्तर- मध्य पाषाण काल एवं नव पाषाण काल

६५- भारत में जो एकमात्र मानवाभ कपि पाया जाता है, वह है-
उत्तर- असम का श्वेतभ्रू गिबन

६६- प्राचीन भारतीय भौगोलिक मान्यता के अनुसार भारतवर्ष किस द्वीप का खण्ड था?
उत्तर- जम्बु द्वीप

६७- प्रागैतिहासिक कुल्हाडिय़ाँ मिली हैं-
उत्तर- अतिरंपक्कम्

६८- भारत में पूर्व प्रस्तर युग के अधिकांश औजार बने थे-
उत्तर- स्फटिक के

६९- कौन सा एक औजार पुरापाषाण संस्कृति से संबंधित नहीं है?
उत्तर- सेल्ट

७०- दक्कन के ‘अंश टीले’ प्रदर्शित करते हैं-
उत्तर- नवपाषाण युग के मवेशी रखने वालों की बस्ती के अवशेष

७१- स्थलों में किस एक की खुदाई प्रस्तर युग से हड़प्पा संस्कृति तक निरंन्तर ह्रास और सांस्कृतिक विकास की प्रमाण देती हैं-

उत्तर- मेहरगढ़

७२- सबसे पहले का ‘मानव सदृश प्राणी’ जो प्राज्ञ मानव (होमोसेपिएन) से प्रजातीय रूप से भिन्न था, उसे सामान्यतया जाना जाता है-
उत्तर- पिथैकैन्थ्रेपस के रूप में

७३- ताम्र संचय का संबंध है-
उत्तर- गेरुवर्णी मृद्भाण्ड

७४- भारत में एक मात्र जीवाश्म का प्रमाण मिला है-
उत्तर- शिवालिक पहाड़ी

७५- ब्लेड से बने औजार प्रमुख विशेषता थे-
उत्तर- उच्च पुरापाषाण काल में

७६- पूर्व पुरापाषाण काल के कुछ औजार १६ आर और सिंगी तालाब में पाये गये ये स्थल स्थित थे-
उत्तर- राजस्थान

७७- शल्क निर्मित औजार प्रमुख रूप से पाये गये हैं-
उत्तर- मध्य पुरापाषाण काल में

७८- भेड़, बकरियाँ आदि को रखे जाने का साक्ष्य प्राप्त हुआ है-
उत्तर- बागौर

७९- गंगा घाटी में चावल के प्राचीनतम प्रमाण प्राप्त हुए हैं-
उत्तर- चौथी सहस्राब्दी ई. पू.

८०- कपास का प्राचीनतम साक्ष्य प्राप्त हुआ है-
उत्तर- मेहरगढ़

८१- गणेश पूजा का साक्ष्य प्राप्त हुआ है-
उत्तर- दैमाबाद